नयी दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से बृहस्पतिवार को चौथी मौत हुई, जबकि इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ कर 173 हो गई है. वहीं, इस महामारी को फैलने से रोकने के लिये कई राज्यों में पाबंदियां लगाई जाने के चलते वे बंद जैसी स्थिति की ओर बढ़ रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रात आठ बजे देश के नाम अपने संबोधन में इस संकट का मजबूती से मुकाबला करने के लिये 22 मार्च को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक ‘जनता कर्फ्यू’ का आह्वान किया. उन्होंने लोगों से अपील की कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के अलावा अन्य व्यक्ति इस दौरान घर से बाहर नहीं निकले. उधर, कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ता कोरोना वायरस से लड़ने के प्रयास में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. Also Read - Covid-19: निजामुद्दीन के मरकज में सैंकड़ों कोरोना संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने दिया मौलाना पर FIR दर्ज करने का आदेश

विपक्षी दल के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने देश में और जांच केन्द्र (लैब) बनाने और ज्यादा से ज्यादा संख्या में जांच करने की सलाह दी. साथ ही उन्होंने कहा कि वायरस के खिलाफ लड़ने में व्यस्त लोगों (मेडिकल स्टाफ, सुरक्षाकर्मियों आदि) के लिए सुरक्षात्मक उपकरणों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने नए पृथक केन्द्रों और स्वास्थ्य केन्द्रों के गठन की बात करते हुए आईसीयू में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने को कहा है. माकन ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ता कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सरकार के साथ हैं. हम सुरक्षात्मक उपायों पर जागरुकता फैलाएंगे. हम जरुरत पड़ने पर आपात सेवाएं भी देंगे. Also Read - COVID-19 से दुनिया में मौतों का आंकड़ा 34,610, संक्रमण के 7 लाख 27 हजार से ज्‍यादा केस

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रात आठ बजे देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि जनता कर्फ्यू जनता के लिए, जनता द्वारा लगाया गया कर्फ्यू है. कोरोना वायरस के असर और प्रभाव रोकने के लिए सामाजिक दूरी बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस बीच, भारत ने 22 मार्च देर रात डेढ़ बजे से सभी अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों के उतरने पर एक हफ्ते के लिये प्रतिबंध लगा दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस वायरस के संक्रमण से पंजाब में पहले और देश में चौथे व्यक्ति की मौत हुई है. यह व्यक्ति मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों का भी सामना कर रहा था. इस बीच, देर शाम विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित एक भारतीय की ईरान में मौत हो गई है जबकि इस वायरस से संक्रमित अन्य भारतीय नागरिकों को इलाज मुहैया कराया जा रहा और ईरानी सरकार ने उनका ध्यान रखा है. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतक एक बुजुर्ग व्यक्ति है और उसे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं थी. उन्होंने कहा कि हमने 590 लोगों को ईरान से निकाला है. छत्तीसगढ़ और चंडीगढ़ में कोरोना वायरस से संक्रमण के पहले मामले आज सुबह दर्ज किये जाने के साथ देश में पिछले चौबीस घंटों में इसके 20 से अधिक नये मामले सामने आये हैं. पंजाब में इस वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हो गई और राज्य ने नयी पाबंदियां लगाने का फैसला किया है. इस वायरस के देश भर में फैलना जारी रहने के बीच कश्मीर घाटी सहित देश के कई हिस्से बंद जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं . दरअसल, प्रशासन कई इलाकों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा रहा है और श्रीनगर शहर में सभी सार्वजनिक वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है. Also Read - Covid-19: बिना इजाजत के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए 200 लोग, कोरोना के लक्षण दिखने पर निजामुद्दीन इलाके की घेराबंदी

पंजाब और दिल्ली भी आंशिक रूप से बंद जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है. पंजाब सरकार ने शुक्रवार आधी रात से सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं स्थगित करने और लोगों के जमावड़ों में व्यक्तियों की संख्या 20 से कम करने के अलावा विवाह भवन, होटल और रेस्तरां आदि बंद करने का फैसला किया है. हालांकि, होम डिलीवरी सेवाओं को इससे छूट दी गई है. दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रेस्तराओं को बंद करने की घोषणा की लेकिन कहा कि टेकअवे (ऐसे रेस्तरां जहां बैठ कर खाने की सुविधा नहीं है) और होम डेलीवरी सेवाएं जारी रहेंगी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उप राज्यपाल अनिल बैजल ने सभी सरकारी विभागों, स्वायत्त संस्थानों और पीएसयू को गतिविधियां अलग-अलग करने और अनावश्यक सेवाएं स्थगित करने को कहा है. उन्होंने कहा कि अनावश्यक सरकारी सेवाएं शुक्रवार से बंद रहेंगी. उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली में 20 से अधिक लोगों वाले सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जमावड़ों की इजाजत नहीं होगी. उल्लेखनीय है कि समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक इस वायरस के संक्रमण से 9,020 मौतें हुई हैं जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 8,648 लोगों की मौत हुई है. वहीं, दो लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं.

केंद्र सरकार ने 22 मार्च से 29 मार्च तक देश में आने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को प्रतिबंधित कर दिया है. केंद्र सरकार ने राज्यों से निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देने का अनुरोध किया है. इनमें वे कर्मचारी शामिल नहीं हैं जो आपात एवं आवश्यक सेवाओं में काम करते हैं. सरकार के बयान में कहा गया है, ‘‘राज्य सरकारें उपयुक्त निर्देश जारी करें, ताकि जन प्रतिनिधियों या सरकारी सेवकों या मेडिकल पेशेवरों को छोड़ कर 65 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों (मेडिकल सहायता पाने वालों को छोड़ कर) को घरों में ही रहने की सलाह दी जाए. नागर विमानन महानिदेशालय ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार के मद्देनजर कहा है कि 22 मार्च देर रात डेढ़ बजे के बाद किसी भी व्यावसायिक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को भारत की धरती पर किसी भी यात्री… विदेशी या भारतीय… को उतारने की अनुमति नहीं होगी. एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि इसी तरह 10 साल से कम उम्र के सभी बच्चों को घरों में रहने और बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जाती है.