नई दिल्ली: सरकार ने देश के बाहर फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी तथा भारत में रह रहे उन व्यक्तियों के लिए मंगलवार को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जो अत्यावश्यक कारणों से विदेश की यात्रा करने के इच्छुक हैं. Also Read - परिवार के सदस्यों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए घर में पहने मास्क, अध्ययन में आई ये बात सामने

एक सरकारी आदेश में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि विदेश से लौटने के लिए विवशता वाले ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां लोग संकट में हैं. उनमें नौकरी से निकाले जा चुके प्रवासी कामगार तथा वे लोग भी शामिल हैं जिनकी अल्पावधि वीजा की समयसीमा बीत गयी है. Also Read - Rajasthan में Coronavirus से बढ़ा मौतों का आंकड़ा, कुल संक्रमित 8100 के पार

गृह मंत्रालय ने कहा कि आपात चिकित्सा स्थिति वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों तथा परिवार के सदस्य की मौत की वजह से भारत लौटने को इच्छुक लोगों एवं विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा यात्रियों को ही यात्रा का भाड़ा देना होगा. Also Read - Lockdown 5.0 In Mumbai: कोरोना महामारी की मार झेल रहे मुंबई में बढ़ाई जाएगी लॉकडाउन की अवधि! यहां जानें सबकुछ

प्राप्त पंजीकरण प्रविष्टियों के आधार पर विदेश मंत्रालय ऐसे यात्रियों का उड़ान या जहाज के हिसाब से डाटाबेस तैयार करेगा जिसमें उनके नाम, उम्र, लिंग, मोबाइल फोन नंबर, निवास स्थान, गंतव्य और पीसीआर परीक्षण एवं उसके परिणाम की सूचना शामिल होगी.

विदेश मंत्रालय संबंधित राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के साथ डाटाबेस (सूचनाएं) पहले ही साझा करेगा. गृह मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्रालय राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के लिए अलग अलग नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा जो संबंधित राज्यों के नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे.

(इनपुट भाषा)