हरिद्वार: उत्तराखंड में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने बुधवार को यहां हर की पौड़ी पर रोजाना होने वाली गंगा आरती में आम लोगों के शामिल होने पर 31 मार्च तक रोक लगा दी. जिलाधिकारी सी रविशंकर द्वारा यहां जारी एक आदेश में कहा गया कि हर की पौड़ी पर होने वाली आरती गंगा सभा के पदाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से की जायेगी. हालांकि कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर 19 मार्च से 31 मार्च तक इसमें आम लोगों की भागीदारी प्रतिबंधित रहेगी. लोगों की सुविधा के लिए गंगा सभा, आरती की लाइव स्ट्रीमिंग करेगी जिसे श्रद्धालु इंटरनेट पर देख सकेंगे. Also Read - कोरोना के खिलाफ जारी जंग में आज दिखेगी भारत की एकता, पीएम मोदी की अपील पर पूरा देश जलाएगा दीप

बता दें कि कोरोना के कोहराम से भले ही दुनिया हिली पड़ी हो, मगर उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में प्रमोशन को लेकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारी बाज नहीं आ रहे हैं. ये हड़ताली कर्मचारी कोरोना जैसी विपदा से जूझ रही राज्य सरकार को दबाव में लेकर अपना उल्लू साधने की जुगत में हैं. सरकार ने भी ऐसे अड़ियल हड़ताली कर्मचारियों से सीधे-सीधे निपटने की योजना बनाई है. इसी के चलते मंगलवार को जबरन स्टेडियम में घुसे सैकड़ों कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. Also Read - सेलिब्रिटीज के COOKING VIDEO को देख भड़कीं सानिया मिर्जा, अभिनेत्री दिया मिर्जा ने किया ये कमेंट

महामारी अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर में फंसे इन हड़ताली कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें प्रमोशन में रिजर्वेशन के आधार पर वरीयता दी जाए. उल्लेखनीय है कि सोमवार से मंगलवार रात तक बिना अनुमति धरना देने के बाबत इन कर्मचारियों के खिलाफ 24 घंटे में तीन से ज्यादा मामले दर्ज किये जा चुके हैं. सभी मामले देहरादून जिले के डालनवाला थाने में दर्ज बताए जाते हैं. Also Read - अमेरिका में कोरोना से तीन लाख लोग संक्रमित, परेशान ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन करके मांगी यह दवा