नई दिल्लीः पूरा विश्व कोरोनावायरस की चपेट में है, हर तरफ सिर्फ कोरोना की ही दहशत है. भारत में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. देश में कोरोनावायरस से संक्रमण के अब तक एक हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और इससे 27 लोगों की जान जा चुकी है. भारत सरकार इस वायरस से निपटने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले देश में 21 दिन का लॉकडाउन लगाया और अब एक और बड़ा कदम उठाया है. पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अब 11 टीमें गठित की हैं. Also Read - क्या अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम की कोरोना से हुई मौत?, सोशल मीडिया में अटकलों का बाजार गर्म

केंद्र सरकार की तरफ से गठित यह सभी टीमें इस वायरस से बने हालात और चुनौतियों से निपटने का लेखा जोखा तैयार करेंगी. कमेटियों का गठन गृहमंत्रालय की तरफ से किया गया है. नौ कमेटी में केंद्रीय सचिव स्तर के अधिकारी होंगे. जबकि एक कमेटी की अध्यक्षता नीति आयोग के CEO करेंगे. Also Read - राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमितों का आंकड़ा 10128, अब तक मृतक संख्‍या 219

कोरोनावायरस की वजह से देश के हालात काफी बदल चुके हैं. भारत की आर्थिक स्थित पहले से ही कमजोर चल रही थी और ऐसे में इस वायरस की मार ने देश और कमजोर बनाने का काम किया है. ऐसे में केंद्र सरकार का पूरा ध्यान इसी बात पर है कि किस प्रकार से इस वायरस से लड़ा जाए लेकिन उसके लिए एक मजबूत प्लानिंग और सुझाव की जरूरत थी. इसी को ध्यान में रखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कोरोना को हराने के लिए रविवार को 11 समितियों का गठन किया

इन सभी समितियोंका मुख्य रूप से यह काम होगा कि कोरोना की वजह से देश के आर्थिक हालात क्या हुए और इसे कैसे मजबूत बनाया जाए, लॉकडाउन से देश में क्या हालात बने और इसका क्या प्रभाव रहा, कोरोना वायरस के खिलाफ मेडिकल व्यवस्थाओं की तैयारी, प्लानिंग और केंद्र सरकार को सुझाव देना.