नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोना हॉटस्पॉट यानी कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर अब 89 हो गई है. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को कोरोनावायरस के 92 नए मामलों के बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2248 हो गई है. दिल्ली में कोरोना से अभी तक 48 लोगों की मृत्यु हो चुकी है. इनमें से एक रोगी की मृत्यु बुधवार को ही हुई है. दिल्ली में कोरोना के 724 रोगी अभी तक ठीक भी हो चुके हैं. इनमें से 113 रोगियों को बुधवार को ही अस्पताल से छुट्टी मिली है. शहर में कुल 1476 कोरोना के एक्टिव रोगी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं.

बुधवार को दिल्ली सरकार ने दो नए हॉटस्पॉट की पहचान की है. जिन दो नए हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, उनमें एफ 258 कैंपा कोला गली लाडो सराय और एफ 313, एफ 274 लाडो सराय दूसरी मंजिल शामिल हैं. दिल्ली में सबसे ज्यादा कोरोना हॉटस्पॉट दक्षिण पूर्वी जिले में है. यहां कुल 19 स्थानों को कोरोना हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है. दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जिन इलाकों को हम हॉटस्पॉट मानकर सील कर रहे हैं, वहां बाहर से किसी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया जाता. इसी तरह अंदर रह रहे व्यक्ति भी बाहर नहीं आ सकते. यहां रह रहे लोगों तक जरूरत के सारे सामान यहां तैनात पुलिसकर्मी व अन्य कर्मचारियों द्वारा पहुंचाए जा रहे हैं.

हालांकि सील किए गए इन इलाकों में अंदर ही अंदर लोगों की मूवमेंट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है, जिन इलाकों को सील किया गया है, वहां बाहर का कोई व्यक्ति नहीं आ रहा है और वहां से कोई व्यक्ति बाहर भी नहीं जा सकता, लेकिन वहां रहने वाले कुछ लोग अंदर ही अंदर अपनी गली, मोहल्लों में घूम रहे हैं या फिर एक-दूसरे के घर आते-जाते हैं, जिससे कोरोना फैलने का खतरा बढ़ जाता है.

इससे पहले दिल्ली सरकार ने जिन इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित किया था, उनमें जहांगीरपुरी के कुछ इलाके भी शामिल थे. हालांकि इसके बावजूद जहांगीरपुरी में 31 व्यक्ति कोरोनावायरस की चपेट में आ गए. कोरोनावायरस से ग्रस्त इन लोगों में से 26 व्यक्ति एक ही परिवार के हैं. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस परिवार के कुछ लोग इलाके को सील किए जाने के बावजूद घरों से बाहर निकलते रहे और एक-दूसरे के घरों में भी गए, जिससे यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच गया.