नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी के संकट में निपटने के बीच तेजी से टेस्‍ट करने की कोशिशों को झटका लगते हुए नजर आ रहा है. दरअसल, राज्‍यों को दी गई रैपिड टेस्टिंग किट को लेकर शिकायतें आईं हैं. इसके बाद आईसीएमआर ने इसके प्रयोग पर आगामी दो दिन तक बचने की राज्‍यों को सलाह दी है. Also Read - कोविड-19 जांच के लिए 4,500 रुपए की सीमा हटाई गई, अब राज्य और निजी प्रयोगशालाएं तय करेंगी कीमत

बता दें कि पश्चिम बंगाल की सरकार ने टेस्टिंग किट पर सवाल उठाते हुए इसके इस्तेमाल को रोक दिया था. सरकार की तरफ से इस टेस्टिंग किट को खराब बताया गया था. वहीं मंगलवार को राजस्थान सरकार ने भी टेस्टिंग किट पर सवाल खड़ा किया. राजस्थान सरकार का कहना है कि इस टेस्टिंग किट के जरिए कोरोना के सटीक नतीजे सामने नहीं आ रहे हैं. इसी कारण राज्‍य सरकार ने टेस्टिंग किट पर रोक लगा दी है. Also Read - कोविड-19 से प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नकदी की है जरूरत : गडकरी

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने राज्यों को दी गई रैपिड टेस्टिंग किट के परीक्षण परिणाम में अंतर
मिलने की शिकायतों के मद्देनजर उन्हें अगले दो दिन तक इसका इस्तेमाल नहीं करने का परामर्श दिया है. Also Read - विदेश से आने वाले भारतीयों को अब 7 दिन रहना होगा क्वारंटाइन, वापस किए जाएंगे बचे हुए पैसे

आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक रमन आर गंगाखेड़कर ने मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमित प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि इस किट के परीक्षण परिणाम में अंतर मिलने के बारे में एक राज्य से मिली शिकायत के आधार पर तीन अन्य राज्यों से इसकी पुष्टि की गई. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर के विशेषज्ञों को विभिन्न क्षेत्रों में इस किट से परीक्षण के लिए भेजा गया
है.

गंगाखेड़कर ने कहा कि कोरोना वायरस के परीक्षण के लिये इस्तेमाल होने वाली आरटी-पीसीआर किट और रैपिड टेस्टिंग किट के परिणाम में काफी अंतर मिला है. उन्होंने बताया कि आईसीएमआर के विशेषज्ञों द्वारा दो दिन में वस्तुस्थिति का पता लगाने के साथ ही राज्यों को इस किट के उपयोग के बारे में परामर्श जारी किया जाएगा.

आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि अगर किट के बैच संबंधी तकनीकी परेशानी पाई जाती है तो इसकी आपूर्ति करने वाली कंपनी से इसे बदलने के लिए कहा जायेगा. उन्होंने कहा कि इस बीच आईसीएमआर ने किट में तकनीकी परेशानी का हल किए जाने तक सभी राज्यों को दो दिन तक रैपिड किट से परीक्षण नहीं करने को कहा है.

गंगाखेडकर ने बताया कि देश में अब तक कोरोना वायरस के 4,49,810 परीक्षण किएजा चुके हैं. इनमें 35,832 परीक्षण पिछले 24 घंटों में किए गए. इनमें आईसीएमआर की 201 प्रयोगशालाओं में 29,776 परीक्षण और निजी क्षेत्र की 86 प्रयोगशालाओं में 6076 परीक्षण किए गए.