नयी दिल्ली: देश में लॉकडाउन के चलते कुछ सेक्टर्स में महामंदी आ सकती है. इनमें बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो सकते हैं. ये आशंका हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट में जताई गई है. Also Read - Complete Lockdown In India! थम नहीं रहा कोरोना का कहर, क्या संपूर्ण लॉकडाउन है विकल्प? सरकार ने भी दिये संकेत- क्या कहते हैं आंकड़े

एक वैश्विक विमानन संघ ने शुक्रवार को कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते भारतीय विमानन क्षेत्र और उस पर निर्भर उद्योगों में 29 लाख नौकरियों के जोखिम में पड़ने की आशंका है. Also Read - Video: हवा में उड़ते ही निकला एयर एंबुलेंस का पहिया, फिर ऐसे हुई लैंडिंग; सभी सुरक्षित

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान तीन मई तक पूरे देश में वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं निलंबित हैं. Also Read - Coronavirus: देश में कब थमेगा कोरोना का कहर? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ....

अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) ने कहा कि उसके ताजा अनुमानों के मुताबिक एशिया प्रशांत क्षेत्र में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही भारत इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

संस्था ने कहा कि महामारी और लॉकडाउन ने आर्थिक गतिविधियों को काफी प्रभावित किया है, जिसमें सबसे अधिक असर विमानन और पर्यटन पर पड़ा है.

पीटीआई की खबर के मुताबिक, ईएटीए ने भारत के बारे में कहा है कि महामारी के चलते देश के विमानन क्षेत्र और उस पर निर्भर उद्योगों में 29,32,900 नौकरियों के खतरे में पड़ने की आशंका है.

संघ ने कहा कि भारतीय बाजार से परिचालन करने वाली विमानन कंपनियों के राजस्व में 85,000 करोड़ रुपये से अधिक का असर होगा और 2019 की तुलना में यात्री आय में कमी होगी.

आईएटीए करीब 290 विमानन कंपनियों का समूह है, जिसमें एयर इंडिया, विस्तारा, इंडिगो और स्पाइसजेट शामिल हैं.

(एजेंसी से इनपुट)