गुवाहाटी: असम में सोमवार को एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक 156 नए मरीज सामने आने के साथ ही राज्य में इस महामारी के मामले 500 के पार पहुंच गये. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने यह जानकारी दी. सरमा ने अपने ट्वीट में बताया कि इन नये मामलों के साथ ही राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर 548 हो गये, उनमें से 479 मरीजों का उपचार चल रहा है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सावधान, कोविड-19 के नौ नए मामलों की पुष्टि. नमूने लोगों को पृथक-वास में भेजने से पहले लिए गए थे. सभी नए मामले बारपेटा जिले के हैं.’’ Also Read - कोरोना के नए प्रकार के कारण वैश्विक स्तर पर संक्रमण के बढ़े मामले, जानिए इसके पीछे की वजह

इससे पहले दिन में सरमा ने कई ट्वीट कर बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में कोरोना वायरस से संक्रमण के 147 मामले सामने आए हैं जिनमें से सबसे अधिक 59 मामले गोलाघाट जिले में आए हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘करीमगंज से 21, लखीमपुर में 17, गुवाहाटी से 15, कोकराझार में छह, कछार और शिवसागर में पांच-पांच, धेमाजी और हैलाकांडी से चार-चार, दक्षिण सलमारा मनकछार से तीन, तिनसुकिया और नलबाड़ी में दो-दो, नौगांव, मोरीगांव, गोवालपाड़ा और जोरहाट से एक-एक नये मरीज सामने आए हैं.’’ Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,505 नए मामले सामने आए, 10 लाख की आबादी पर किए जा रहे 32,650 टेस्ट

उन्होंने बताया कि दूसरी तरफ पांच मरीज स्वस्थ हुए और राज्य के विभिन्न अस्पतालों से उन्हें छुट्टी दी गई है जिनमें तीन गुवाहटी और दो जोरहाट के हैं. सरमा ने कहा कि बाहर से लौटे लोगों में ज्यादातर कोरोना वायरस संक्रमित पाये गये हैं. सरमा ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है सभी नमूने उन लोगों से लिए गए जो बाहर से आए थे और उन्हें पृथक-वास केंद्रों में भेजा गया था. असम में कोविड-19 के अधिकतर मरीज बाहर से आए हैं न कि स्थानीय स्तर पर संक्रमित हुए हैं.’’ Also Read - चीन की बढ़ेंगी मुश्किलें! कहां से निकला कोरोना वायरस? जांच के लिए अगले हफ्ते चाइना जाएगी डब्ल्यूएचओ की टीम

उन्होंने बताया कि कुल 548 मामलों में चार मरीजों की मौत हो गयी जबकि 62 स्वस्थ हो गये. इसके अलावा तीन मरीज राज्य से बाहर चले गये हैं. लॉकडाउन के दौरान अंतर-राज्यीय सड़क यातायात सेवा और रेल मार्ग सेवा शुरू होने के बाद यहां कोविड-19 के मामले बढ़े हैं.

दो महीने तक देश में यात्री विमान सेवा बंद रहने के बाद दोबारा इसके खुलने पर अधिकारियों को आशंका है कि मामले और भी तेजी से बढ़ सकते हैं. राज्य में लौटने वाले सभी लोगों की जांच के लिए प्रशासन ने पांच क्षेत्रीय जांच शिविर शुरू किए हैं और इसी तरह की सुविधा पहले से ही जिला मुख्यालयों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध है.