नई दिल्ली: राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के समाप्त होने के तुरंत बाद, केंद्र सरकार दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाएगी. इस संबंध में, विदेश मंत्रालय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयर इंडिया, राज्य सरकारों और विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ बातचीत कर रहा है. केंद्र ने अपने भारतीयों की निकासी के लिए पहले ही योजना शुरू कर दी है. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों को निकालने का काम एक बार उड़ानें शुरू होने के बाद स्पेशल फ्लाइट या रेगुलर फ्लाइट्स के जरिए किया जाएगा. Also Read - COVID-19: कोरोना की दूसरी लहर के बीच भारत में घटी तेल की मांग, रिफाइनर्स ने प्रोसेसिंग रन में की कटौती

सूत्रों ने आगे कहा कि नागरिकों की निकासी पेमेंट के आधार पर की जाएगी. इसके लिए नागरिकों को अपनी उड़ान टिकट के लिए भुगतान करना होगा. बता दें कि यह खबर ऐसे समय में आई है जब कई देश जिसमें खाड़ी देश शामिल हैं, वह भारत सरकार पर अपने फंसे हुए नागरिकों को वापस लेने के लिए दबाव बढ़ा रहे हैं. Also Read - Corona Updates: देश में 24 घंटे में रिकॉर्ड 4205 मौतें, COVID-19 के 3.48 लाख से ज्‍यादा नए केस

इसके अलावा, नागरिकों को विदेश से लाने के लिए देश के भीतर राजनीतिक तौर पर भी राज्य मांग कर रहे हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. Also Read - इजराइल से भारतीय महिला वीडियो कॉल पर पति से कर रही थी बात, तभी हमास के रॉकेट हमले ने ले ली जान

इससे पहले गृह मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि विदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों और प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) कार्ड धारकों के शव भारत लाये जा सकते हैं, लेकिन संबंधित दिशानिर्देशों के सख्ती से पालन पर ही ऐसा संभव है. एक आधिकारिक बयान में मंत्रालय ने कहा कि हवाईअड्डा अधिकारियों को इस संबंध में विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.