नई दिल्ली: देश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या सोमवार को 886 हो गई वहीं संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 28,380 पर पहुंच गई. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को ये जानकारी की. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सोमवार शाम जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत के कोरोनोवायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 28,380 हो गई जिनमें 21132 एक्टिव केस हैं. वहीं 6362 कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं या डिस्चार्ज हो चुके हैं. देश में अब तक कोरोना से 886 मौतें हुई हैं. इनमें सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा पिछले 24 घंटे में हुई मौतों का है. भारत में पिछले 24 घंटे में 60 लोगों की मौत हुई जोकि अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. Also Read - स्वास्थ्य विभाग में तैनात IAS अधिकारी कोरोना संक्रमित, दिल्ली सरकार में थे स्पेशल ड्यूटी पर

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने डेली बुलेटिन में सोमवार शाम 4 बजे कहा कि 20,835 लोग अब भी संक्रमण की चपेट में हैं जबकि 6,184 लोग ठीक हो चुके हैं और एक व्यक्ति विदेश चला गया है. उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटे में 1396 नए सकारात्मक मामले पाए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 1 दिन में 381 मरीज ठीक हुए हैं. मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दर 22.17 प्रतिशत है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश के 16 जिलों में जहां पहले कोरोना के मामले पाए गए थे वहां पिछले 28 दिनों से कोई भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया है. इस सूची में शामिल होने वाले तीन नए जिले – महाराष्ट्र का गोंदिया जिला, कर्नाटक का देवांगेरे जिला और बिहार का लखी सराय है. लव अग्रवाल ने बताया कि देश के 85 जिलों में पिछले 14 दिनों में कोई नया मामला दर्ज नहीं किया है.

उन्होंने कहा, “कोरोना को लेकर तरह-तरह की बातों को एक गहन अभियान के माध्यम से संबोधित किया जाना चाहिए. हमें यह समझना होगा कि ठीक हुए मरीजों से ट्रांसमिशन का कोई खतरा नहीं है. वे, यहां तक कि प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग करते हुए एंटीबॉडी के लिए उपचार का एक संभावित स्रोत हो सकते हैं.”

लव अग्रवाल ने आगे कहा, “हमें गलत सूचना और दहशत फैलाने से बचना चाहिए. COVID19 प्रसार के लिए किसी समुदाय या क्षेत्र को लेबल नहीं किया जाना चाहिए. विशेष रूप से, स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता कार्यकर्ता या पुलिस को टारगेट नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वे आपकी मदद करने के लिए हैं.”

अग्रवाल ने मंत्रालय की ओर से देशवासियों से अपील करते हुये कहा, ‘‘किसी भी समुदाय या क्षेत्र को कोविड-19 का संक्रमण फैलने के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.’’ संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने लॉकडाउन के नियमों में पिछले दिनों छूट दिये जाने के बाद ग्रामीण एवं उपनगरीय इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की जानकारी देते हुये बताया कि ग्रामीण इलाकों में 26 अप्रैल तक गेहूं की 80 प्रतिशत कटाई हो चुकी है. साथ ही मनरेगा योजना के तहत दो करोड़ से अधिक श्रमिकों को काम मिलने लगा है.