नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 937 हो गई और संक्रमितों की तादाद 29,974 पर पहुंच गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के संक्रमण से 51 लोगों की मौत हुयी है और संक्रमण के 1,594 नये मामले सामने आये हैं. देश में अब तक 7,026 मरीज ठीक हो चुके हैं और 22,010 मरीजों का अभी अस्पतालों में इलाज चल रहा है. संक्रमितों में विदेशियों की संख्या 111 है. बता दें कि ये आंकड़े मंगलवार शाम 6 बजे तक के हैं. Also Read - इरफान पठान बोले-कोरोना के बाद गेंदबाजों की चोट बन सकती है परेशानी का सबब, दी अहम सलाह

इस बीमारी के तत्काल किसी उपचार की आशाएं तब धूमिल हो गईं जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि प्लाज्मा थेरेपी को इसका उपचार स्वीकार कर लिया जाएं. Also Read - HRD मिनिस्ट्री ने जारी किया 11वीं, 12वीं छात्रों के लिए NCERT वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर, पढ़ाई में इससे मिलेगी मदद   

मंत्रालय ने इस बात को लेकर सावधान किया कि प्लाज्मा थेरेपी देने में यदि उपयुक्त दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया तो उसके जान जोखिम में डालने वाले प्रभाव हो सकते हैं. इसमें स्वस्थ हो चुके कोविड-19 के मरीज से रक्त प्लाज्मा गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को चढ़ाया जाता है. परीक्षण के दौर से गुजर रही यह थेरेपी इस सिद्धांत पर कार्य करती है कि स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर चुके व्यक्ति के प्लाज्मा के एंटीबाडी का इस्तेमाल कर बीमार व्यक्ति में स्वस्थ व्यक्ति से रोग प्रतिरोधकता अंतरित की जा सकती है. Also Read - Chandra Grahan 2020: जानें चंद्र ग्रहण से जुड़े कुछ खास पौराणिक मिथक और अंधविश्वास

ताजा आंकड़े 30 हजार के पार!
विभिन्न राज्यों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देशभर में इस घातक वायरस की चपेट में अबतक 30200 से अधिक लोग आ चुके. उनमें से 947 मरीजों की मौत हो गई जबकि 7000 से अधिक स्वस्थ हो गये. आंकड़ों के लिहाज से अबतक परीक्षण से गुजरे हर 25 व्यक्तियों में एक व्यक्ति संक्रमित पाया. जितने लेाग संक्रमित पाये गये, उनमें हर 30 व्यक्तियों में एक की जान चली गई. जो लोग स्वस्थ हुए हैं वे चार मरीजों में एक हैं. दरअसल ऐसी उम्मीद बन रही थी कि प्लाज्मा थेरेपी कोविड-19 के लिए संभावित उपचार हो सकती है क्योंकि दिल्ली सरकार ने कहा था कि उसे कुछ मरीजों पर उत्साहवर्धक नतीजे मिले हैं. राजस्थान और कर्नाटक समेत कुछ अन्य राज्यों ने परीक्षण शुरू किया है.

यूपी सीएम ने दिया प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ावा देने का निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ही अधिकारियों को प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ावा देने का निर्देश दिया और कई स्थानों पर प्लाज्मा बैंक बनाने के लिए भी कदम उठाये जा रहे हैं. इस बीमारी से उबर चुके कई लोगों ने दूसरों के उपचार के लिए अपना प्लाज्मा देने की पेशकश की है.

फिलहाल करना होगा इंतजार
अपनी दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोविड-19 के इलाज में इस पद्धति की प्रभावशीलता का पता लगाने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन शुरु किया है. लेकिन जबतक अध्ययन पूरा नहीं हो जाता और ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं मिल जाता तब तक इस थेरेपी का बस शोध या परीक्षण के लिए उपयोग किया जाए. उन्होंने कहा, ‘‘ यदि प्लाज्मा थेरेपी का उपयुक्त दिशानिर्देशों के मुताबिक इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो यह जीवन खतरे में डालने वाली परेशानियां खड़ी कर सकती है.’’

मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ी
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने यह भी कहा कि कोविड-19 के मरीजों के स्वस्थ होने की दर कुल मामलों के 23.3 फीसद तक पहुंच गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने शाम पांच बजे बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान और जम्मू कश्मीर से सोमवार से अबतक 50 से अधिक मौत की खबर आने के बाद कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 937 हो गई. जबकि मामले 29974 हो गये. मंत्रालय के आंकड़े के हिसाब से संक्रमण के 1,594 नये मामले सामने आये हैं.

7,026 मरीज ठीक
मंत्रालय के अनुसार देश में अब तक 7,026 मरीज ठीक हो चुके हैं और 22,010 मरीजों का अभी अस्पतालों में इलाज चल रहा है. महाराष्ट्र में 8,500से अधिक लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं. इसके बाद गुजरात में 3,700से अधिक, दिल्ली में 3,100 से अधिक मामले है. मध्य प्रदेश, राजस्थान , उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में 2000-2000 से अधिक लोग संक्रमित हैं.

दिल्ली में पहले 1,000 मामले 42 दिन में, अंतिम 1,000 मामले आठ दिनों में
दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के पहले 1,000 मामले 42 दिनों में आए लेकिन आठ दिनों में संक्रमित लोगों की संख्या 2,000 से 3,000 हो गयी. सरकार द्वारा साझा किए आंकड़ों से यह तथ्य सामने आया है. राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण का पहला मामला एक मार्च को सामने आया था. इसके बाद 11 अप्रैल को संक्रमित लोगों की संख्या 1000 को पार कर 1069 हो गई. दिल्ली में 11 अप्रैल तक 19 लोगों की मौत हुई थी. दिल्ली में एक ही दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा 356 मामले 13 अप्रैल को सामने आए थे.

(इनपुट भाषा)