Coronavirus In India Update: देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 1 लाख 18 हजार को पार कर गई है. हालांकि आधे मामले पिछले एक पखवाड़े में सामने आए हैं, जबसे विशेष ट्रेनों के जरिये विभिन्न जगहों पर फंसे हुए लोगों की आवाजाही शुरू हुयी है. साथ ही विदेशों में फंसे लोगों को विशेष विमान से यहां लाना शुरू किया गया है. हालांकि सरकार ने कहा है कि दुनिया की औसत मृत्यु दर 6.65 प्रतिशत की तुलना में भारत में यह दर आधे से भी कम है. Also Read - कोरोना वायरस से हुई पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर की मौत, परिवार ने आनन-फानन में दफनाया


अधिकारियों ने दो महीने के अंतराल के बाद घरेलू उड़ानों को फिर से शुरू करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देशों का ऐलान किया. वहीं कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये बीते 25 मार्च से जारी देशव्यापी लॉकडाउन के चौथे चरण में व्यावसायिक गतिविधियों एवं लोगों के आवगमन को गति मिली है.

इसी समय केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से मौजूदा लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिये कहा है. इसमें रात का कर्फ्यू भी शामिल है जो शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक है. केंद्र ने यह भी कहा है कि इसे कुछ स्थानों पर प्रतिबंधों के उल्लंघन के बारे में पता चला है.

सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गये निर्देश में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिये कहा है. इसमें कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिये मास्क पहनना तथा एकदूसरे से मेल जोल से दूरी समेत अन्य उपाय शामिल हैं.

इस घातक वायरस के कारण देश भर में मरने वालों की संख्या 3500 के करीब है. इस वायरस के कारण मृत्यु दर करीब तीन फीसदी है. देश में करीब 47 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं. अब तक करीब 15 अन्य देशों में कोरोना वायरस के कारण भारत से अधिक मौत हुयी हैं.

हालांकि, देश में ऐसे मरीजों की संख्या 65 हजार से अधिक है जिनका इलाज चल रहा है और भारत इस लिहाज से दुनिया में पांचवें स्थान पर है. अमेरिका, रूस, ब्राजील और फ्रांस ऐसे मुल्क हैं जहां भारत से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है.

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में भारत आंकड़ों के हिसाब से दुनिया का 11वां सर्वाधिक प्रभावित देश है. दस सबसे अधिक प्रभावित देशों में से कुछ में सक्रिय मामलों (ऐसे मरीजों के मामले जिनका अभी इलाज चल रहा है) की संख्या भारत से कम है, जिसमें स्पेन, इटली, जर्मनी, तुर्की एवं ईरान शामिल हैं.

बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था. इसके बाद 29 मार्च को एक हजार का आंकड़ा हुआ. 13 अप्रैल को कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या देश में दस हजार के पार पहुंच गयी. छह मई को यह आंकड़ा 50 हजार को पार कर गया और एक लाख का आंकड़ा पहुंचने में दो हफ्ते से कम का वक्त लगा और 18 मई को एक लाख हो गया.
(एजेंसी से इनपुट)