नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संदिग्धों को पृथक रखने के उचित स्थान की पहचान और बेहतर इलाज की व्यवस्था करने को कहा है. इस बीच कोरोना वायरस से संक्रमण के तीन नए मामले- ईरान की यात्रा कर लद्दाख आए दो लोगों और ओमान से आए तमिलनाडु निवासी में- सामने आए हैं और इस प्रकार शनिवार को देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के 34 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. सभी मरीजों की हालत स्थिर है. Also Read - राजस्थान में कोरोना से एक और व्यक्ति ने तोड़ा दम, प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 210 पर पहुंचा 

मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार बैठक में मोदी ने विशेषज्ञों की राय के हवाले से कहा कि लोगों को बड़े पैमाने पर भीड़ में एकत्र होने से यथासंभव बचने का परामर्श देना चाहए. साथ ही लोगों को इस बात से अवगत भी कराना चाहिए कि इस स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं. प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सभी विभागों के अब तक के प्रयासों की सराहना करते हुए इस बात की जरूरत पर बल दिया कि कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए भारत को इससे निपटने की पुख्ता कार्ययोजना बनानी होगी. Also Read - Covid-19 : उत्तर प्रदेश के इस शहर से एक और तबलीगी जमाती पाया गया कोरोना पॉजिटिव

आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘‘सभी विभागों को आपसी सामंजस्य से काम करना चाहिए और इसके संक्रमण से बचाव को लेकर जनजागरुकता का प्रसार भी करना चाहिए.’’ मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए दुनिया भर में विकसित किए गए अब तक के सबसे बेहतर उपायों की पहचान कर इन्हें अपनाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने उपयुक्त कार्ययोजना को लागू करने की जरूरत पर बल देते हुये कहा कि त्वरित कार्रवाई ही संक्रमण को काबू में करने का व्यवहारिक उपाय है. Also Read - जमातियों ने कानपुर अस्पताल के कर्मचारियों संग किया दुर्व्यवहार, हटाई गईं महिला नर्सें

विज्ञप्ति के मुताबिक बैठक में मोदी ने संदिग्ध मामलों के नमूनों के जल्द परीक्षण की व्यवस्था करने और ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी यथाशीघ्र सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. उल्लेखनीय है कि ईरान में अब तक 145 लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हो गयी है.

इस बीच, शनिवार को तेहरान से दिल्ली की उड़ान आई जिसके जरिये ईरान में संदिग्ध रूप से कोरोना वायरस से संक्रमित भारतीयों के लार के नमूनों को लाया गया. इस उड़ान का परिचालन महान एयर ने किया और वापसी में विमान ईरानी नागरिकों को लेकर रवाना हुआ. प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान ने कोरोना वायरस से उत्पन्न मौजूदा स्थिति और स्वास्थ्य एवं अन्य मंत्रालयों की ओर से इसका मुकाबला करने की तैयारियों और अबतक उठाए गए कदमों की जानकारी संबंधी प्रस्तुति दी.

उन्होंने प्रवेश मार्गों पर निगरानी पर जोर दिया और समुदाय, प्रयोगशाला के स्तर पर मदद और अस्पताल की तैयारियों को रेखांकित किया. रणनीति और खतरनाक स्थिति में संप्रेषण की तैयारी की भी जानकारी दी. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, विदेश मंत्री एस जयशंकर, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, नीति आयोग के सदस्य विनोद पॉल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल विपिन रावत, स्वास्थ्य, फार्मा, नागरिक उड्डयन, विदेशमंत्रालय, स्वास्थ्य शोध, गृह, जहाजरानी, एनडीएमए के सचिव और अन्य शामिल रहे.

फार्मा विभाग के सचिव ने बैठक में बताया कि भारत में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और दवा निर्माण की कच्ची सामग्री और अन्य खाद्य वस्तुओं का पर्याप्त भंडार है. बैठक में सभी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और जमीनी सीमा पर सतर्कता, समुदाय आधारित निगरानी और पृथक केंद्र में बिस्तरों की पर्याप्त उपलब्धता पर चर्चा की. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सही समय पर कार्रवाई के लिए राज्यों से समन्वय को रेखांकित किया. नीति आयोग के सदस्य विनोद पॉल ने अस्पतालों की क्षमता विस्तार पर जोर दिया. बैठक में ईरान से भारतीयों को निकालने का मुददा भी प्रमुख रूप से उठा.