नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस संक्रमितों का पता लगाने के लिए लंबे समय से राज्य सरकारें रैपिड टेस्टिंग किट की डिमांड कर रही थी. इस बीच कुछ दिनों पहले इस टेस्टिंग किट की मांग देश में पूरी हो गई. इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को टेस्टिंग किट उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया है. इस बीच टेस्टिंग किट को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. कई राज्य की सरकारों ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. Also Read - Coronavirus Spreading Through Air? हवा के जरिए तेजी से फैल रहा है कोरोना वायरस, स्टडी में हुए चौंकाने वाले खुलासे

बीते दिनों पश्चिम बंगाल की सरकार ने टेस्टिंग किट पर सवाल उठाते हुए इसके इस्तेमाल को रोक दिया था. सरकार की तरफ से इस टेस्टिंग किट को खराब बताया गया था. वहीं आज राजस्थान सरकार ने टेस्टिंग किट पर सवाल खड़ा कर दिया है. टेस्टिंग किट को लेकर राजस्थान सरकार का कहना है कि इसके जरिए कोरोना के सटीक नतीजे सामने नहीं आ रहे हैं. इसी कारण राजस्थान सरकार ने टेस्टिंग किट पर रोक लगा दी है. Also Read - Maharashtra और Delhi का COVID-19 से बुरा हाल, 20% के करीब पहुंची संक्रमण की दर, महाराष्ट्र में 400 की मौत

इस मामले पर राजस्थान सरकार का कहना है कि अस्पताल में भर्ती 100 मरीजों पर रैपिड टेस्टिंग किट के जरिए टेस्टिंग की गई. इसमें मात्र 5 लोग ही कोरोना संक्रमित पाए गए. राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम की तरफ से किसी प्रकार की आनदेखी नहीं की गई है. टेस्टिंग किट को सही तापमान के बीच भी रखा गया था. बावजूद इसके कोरोना के परिणाम गलत आ रहे हैं. इसी बाबत अब ICMR ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए देशभर में रैपिड टेस्टिंग पर रोक लगा दी है. इसी के साथ अब टेस्टिंग किट को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. Also Read - COVID-19: एक्शन में आया स्वास्थ्य मंत्रालय, कोरोना पर केंद्र के सभी मंत्रालयों को एडवाइजरी जारी