नई दिल्ली: कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में मंगलवार को रिकार्ड 3900 की वृद्धि हुई और करीब 200 और मौतें होने से मृतक संख्या 1500 से ऊपर चली गई. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस से मुकाबला कोई ‘राकेट साइंस’ नहीं है और लोग यदि स्वच्छता की अच्छी आदतों को आत्मसात कर लेते हैं तो वे आदतें ‘अप्रत्यक्ष वरदान’ सिद्ध होंगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने घातक वायरस संक्रमण के प्रसार को लेकर शाम पांच बजे के अपने आधिकारिक अपडेट में कहा कि कोविड-19 से सोमवार शाम से 194 मौतें हुई हैं जिससे मृतक संख्या बढ़कर 1,583 हो गई है, जबकि मामलों की संख्या में 3,875 की बड़ी बढ़ोतरी हुई है और यह 46,711 हो गई है. Also Read - केएल राहुल ने कोरोना वॉरियर्स को किया सलाम, मदद के लिए उठाया ये बड़ा कदम

‘वंदे भारत मिशन’ की घोषणा
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से खाड़ी देशों और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत सरकार ने मंगलवार को ‘वंदे भारत मिशन’ की घोषणा की. इसके तहत सात मई से एअर इंडिया की 64 उड़ानों का परिचालन होगा तथा नौसेना के दो पोत भारतीयों को वापस लाने में लगाए जाएंगे. खाड़ी देशों, मलेशिया, ब्रिटेन ओर अमेरिका से भारतीयों को लाने के लिए विभिन्न एजेंसियों वाले अभियान का नाम ‘‘वंदे भारत मिशन दिया गया गया. इसके जरिये सरकारी विमानन कंपनी एअर इंडिया द्वारा 13 मई तक गैर-अनुसूचित वाणिज्यिक उड़ानों का परिचालन किया जाएगा और 12 देशों से करीब 15 हजार भारतीयों को वापस लाया जाएगा. Also Read - Coronavirus: इस राज्य में समाप्त हो सकती है ई- पास की सुविधा, जानें अब यात्रा करने के लिए क्या होगा नया नियम

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इन उड़ानों से आने वाले लोगों को शुल्क देना होगा. उन्होंने कहा कि 13 मई तक भारतीयों को लाने के इस प्रयास से निजी विमानन कंपनियां भी जुड़ सकती हैं. पुरी ने बताया कि लंदन से दिल्ली की उड़ान के लिए 50 हजार रुपये प्रति यात्री और ढाका से दिल्ली की उड़ान के लिए 12 हजार रुपये प्रति यात्री शुल्क निर्धारित किया गया है. Also Read - NDA 2.0 Govt: मोदी सरकार 2.0 के एक साल हुए पूरे, क्या आपने सुना पीएम का यह Audio Message

‘‘समुद्र सेतु’’ लांच
भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ‘‘समुद्र सेतु’’ लांच करते हुए दो पोत को मालदीव की राजधानी माले मेंफंसे भारतीयों को लाने के लिए रवाना किये जो आठ मई को पहले चरण में भारतीयों को वापस लाएंगे. नौसेना की विज्ञप्ति के मुताबिक पहले चरण में आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर के जरिये एक हजार लोगों को वापस लाने की योजना है. इन्हें कोच्चि तक लाया जाएगा. संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी से 200 यात्रियों को लेकर पहली उड़ान केरल के कोच्चि पहुंचेगी और पहले दिन इसी तरह की दुनिया के विभिन्न स्थानों से दस उड़ानों का परिचालन किया जाएगा.

सरकार ने फंसे हुए भारतीयों के लौटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) जारी की है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव अजय भल्ला ने कहा कि प्राथमिकता उनको दी जाएगी जिनकी वापसी के ठोस कारण है जैसे उन प्रवासी कामगारों को जिनकी नौकरी छूट गई है या जिनकी वीजा अवधि सामप्त हो रही है. मंत्रालय के मुताबिक चिकित्सा आपात स्थिति का सामना कर रहे व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, और भारत में परिवार के सदस्य की मौत की वजह से वापसी के इच्छुक लोगों और छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी.

(इनपुट भाषा)