नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोनावायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के मद्देनजर 50 से अधिक लोगों के एक जगह पर एकत्र होने पर रोक लगाई है. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि संभव हो तो शादियां भी 31 मार्च से आगे बढ़ा दी जाएं. केजरीवाल ने यह भी कहा है कि किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक, प्रदर्शन में 50 से ज्यादा लोग एकत्र नहीं हो सकते, लेकिन शाहीनबाग की महिलाओं का कहना है कि “चाहे कुछ भी हो जाए, हम उठेंगे नहीं.” Also Read - यूपी में युवक की गोली मारकर हत्या, तबलीगी जमात पर लगाया था कोरोना वायरस फैलाने का आरोप

केजरीवाल ने यह भी कहा, “अगर कोई नियम तोड़ता है तो एसडीएम और डीएम उचित कार्रवाई कर सकते हैं.” केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली में 31 मार्च तक 50 से अधिक की संख्या वाले धार्मिक, सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, राजनीतिक बैठकों पर रोक होगी.” Also Read - कोरोना से जंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जलाए दीये, तस्वीरें शेयर कर संस्कृत में लिखा ये संदेश

दिल्ली के मुख्यमंत्री के आदेश को लेकर जब हमने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बात की तो उन्होंने कहा, “कानून वापस लिया जाए तब उठेंगे. केजरीवाल को अब फिक्र क्यों, चुनाव के वक्त क्यों फिक्र नहीं थी और ये वायरस चाहे 50 लोग हो या एक लोग, फैल सकता है.” Also Read - कोरोना के खिलाफ जंग में एकजुट पूरा देश, पीएम की मां से लेकर कई हस्तियों ने घर के बाहर जलाए दीये, देखें तस्वीरें

महिलाओं ने कहा, “हम इस फैसले का स्वागत नहीं करते, विरोध प्रदर्शन सबका है, हम अकेले कुछ फैसला नहीं ले सकते.” प्रदर्शन कर रही एक महिला ने कहा, “दिल्ली दंगे के पीड़ित लोग जिन राहत शिविरों में रह रहे हैं, वहां भी तो 50 से ज्यादा लोग हैं. सरकार उनके लिए क्या इंतजाम कर रही है?”

इंडियन फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन की अध्यक्ष अपर्णा ने कहा, “50 का आंकड़ा कहां से आया? पहले सरकार यह बताए कि यह आंकड़ा कहां से लिया गया. प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं सरकार की गले की हड्डी बन गई हैं.”

(इनपुट आईएएनएस)