Coronavirus In India: सुप्रीम कोर्ट में कोरोना वायरस के संक्रमण से उत्पन्न स्थिति और केंद्र सरकार की विफलता के मुद्दे पर सुनवाई जारी है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से बिगड़े हालात पर स्वतः संज्ञान लिया था और केंद्र सरकार से महामारी को लेकर क्या तैयारियां की गई हैं, इसका जवाब मांगा था. आज भी कोर्ट में ऑक्सीजन को लेकर चल रही मारामारी और कोरोना वैक्सीन की कीमतों को लेकर सुनवाई जारी है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि वैक्सीन की अलग अलग कीमतें क्यों सामने आ रही हैं? वैक्सीन की अलग अलग कीमतों पर केंद्र सरकार क्या कर रही है. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि ये राष्ट्रीय आपदा का समय है, हम चुप तो नहीं बैठ सकते हैं.Also Read - आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत, जौहर यूनिवर्सिटी के हिस्सों को गिराने पर रोक

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, सुनवाई जारी Also Read - वेश्यावृत्ति भी एक काम है, अपराध नहीं, सेक्स वर्कर्स को परेशान न करे पुलिस: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार से कोरोना से निपटने के लिए नेशनल प्लान मांगा था, जिस पर आज सुनवाई हो रही है. केंद्र सरकार ने अदालत में अपना हलफनामा दाखिल किया है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से वैक्सीन की सप्लाई, ऑक्सीजन की सप्लाई, दवाओं की सप्लाई जैसे तमाम विषयों पर प्लान मांगा था. Also Read - तिहाड़ जेल में उम्रकैद काटेगा यासीन मलिक, 20 साल छोटी मुशाल से किया था प्यार, ऐसी थी लव स्टोरी

अदालत ने कहा-हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई को नहीं रोका जा सकता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस सुनवाई का मतलब हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई को रोकना बिल्कुल नहीं है, हाईकोर्ट स्थानीय हालात को बेहतर समझ सकते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि राष्ट्रीय मुद्दे पर हमारा दखल देना महत्वपूर्ण है.

कोर्ट ने पूछा- कोरोना वैक्सीन के दाम अलग-अलग क्यो..

कोर्ट ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है, वैक्सीन के दाम पर केंद्र सरकार ये क्या कर रही है. अगर ये नेशनल इमरजेंसी नहीं है, तो फिर क्या है? दरअसल, अदालत में सुनवाई के दौरान राजस्थान, बंगाल की ओर से वैक्सीन के अलग-अलग दाम पर आपत्ति जताई गई थी जिसपर कोर्ट ने पूछा कि वैक्सीन के दाम अलग-अलग क्यों हैं.