नई दिल्ली: भारत में लगातार चौथे दिन कोविड-19 के रिकॉर्ड संख्या में मामले सामने आने के साथ ही देश इस संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित दस देशों की सूची में शामिल हो गया है. अब देश में 1.38 लाख से अधिक मामले हो
गए हैं, जो ईरान से अधिक है. जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के आंकड़ों में यह बात सामने आई है. ईरान को पीछे छोड़ते हुए सोमवार तक देश में महामारी से संक्रमित हुए कुल लोगों की संख्या एक लाख 38 हजार 845 दर्ज की
गई थी. अमेरिका, ब्राजील, रूस, स्पेन, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी और तुर्की कोविड-19 संक्रमण के मामलों को लेकर भारत से आगे के अन्य नौ देश हैं. Also Read - फिल्‍मों की शूटिंग के लिए SOP लेकर आने वाली है सरकार: केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर

देश में बीते 24 घंटे में 154 से अधिक लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई और संक्रमण के 6,977 नए मामले सामने आए. इसके साथ देश में सोमवार को संक्रमण के कुल 1,38,845 मामले हो गए और मृतक
संख्या 4,021 हो गई. वैसे ये आंकड़े सोमवार की सुबह तक के हैं. तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में कोरोना मरीजों की संख्या 1,44,868 हो गई है. मंगलवार को 6,332 नए मामले सामने आए. Also Read - Bubonic Plague: चीन में बढ़ा ब्यूबोनिक प्लेग का खतरा, क्या भारत को डरने की जरूरत है?

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि मामलों में इतनी वृद्धि की वजह लॉकडाउन में ढील, प्रवासी कामगारों के राज्यों में लौटने के लिए रेल सेवाओं और सड़क परिवहन की आंशिक बहाली है, जबकि कुछ का कहना है कि अधिक मामले
सामने आने का कारण देश में जांच क्षमता बढ़ना है. Also Read - ज्योतिरादित्य सिंधिया के निजी सहायक कोरोना संक्रमित, ग्वालियर में चल रहा इलाज

दो महीने की अवधि के बाद सोमवार को देश में घरेलू उड़ानें भी शुरू हो गई हैं. कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, स्पेन, इटली, ब्राजील, जर्मनी, तुर्की और फ्रांस के बाद दसवें स्थान पर भारत है. देश में
22, 23, 24 और 25 मई को क्रमश: 6,088, 6,654, 6,767 और 6977 मामले सामने आए. इसके अलावा देश में कोविड-19 का पता लगाने के लिए सोमवार तक 30 लाख लोगों की आरटी-पीसीआर जांच की गई.

भारतीय लोक स्वास्थ्य संघ और इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव ऐंड सोशल मेडिसिन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत एस पांडव ने रेल एवं सड़क परिवहन सेवाओं की आंशिक बहाली के बारे में कहा कि इन ढीलों से कोरोना वायरस
संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा. एम्स में सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन के पूर्व विभागाध्यक्ष पांडव ने कहा, ‘‘अब सरकार को सख्त निगरानी सुनिश्चित करनी होगी ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके अन्यथा स्वास्थ्य
देखभाल प्रणाली पर भार बहुत बढ़ जाएगा.’’

दूसरी ओर पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के. श्रीनाथ रेड्डी ने कहा कि संक्रमण के मामलों में वृद्धि के कारणों में जांच दर में बढ़ोतरी और संक्रमण तेजी से फैलना, दोनों ही है. जाने-माने फेफड़ा सर्जन डॉ. अरविंद
कुमार ने चेतावनी दी है कि अभी कोविड-19 के जो हालात हैं, उसे देखते हुए कहना होगा कि ‘‘भारत अब यहां से बहुत ही अव्यवस्था के हालात की ओर बढ़ रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिदिन जिस दर से हजारों मामले सामने आ
रहे हैं, दस देशों की सूची में हम ऊपर की ओर बढ़ेंगे, जिसमें हम प्रवेश कर चुके हैं.’’

सर गंगाराम अस्पताल से जुड़े कुमार ने चेतावनी दी कि जून महीने के अंत तक ‘‘भारत में मामले बहुत तेजी से बढ़ेंगे.’’

(इनपुट भाषा)