नई दिल्ली: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की संख्या 225 हो चुकी है. वहीं कोरोना के कारण राज्य में 10 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच कोरोना (COVID-19) से निपटने के लिए राज्य की सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. मंगलवार के दिन महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की कि वह राज्य सरकार के कर्मचारियों व निर्वाचित प्रतिनिधियों के वेतन में कटौती करेगी. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कोरोना वायरस के कारण राज्य के राजस्व मे भारी गिरावट की आशंका है. Also Read - Schools Reopen: इस राज्य में खुले स्कूल, क्लास में बच्चों के बैठने की ऐसी है व्यवस्था

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से लेकर ग्राम पंचायत सदस्यों सहित निर्वाचित प्रतिनिधी मार्च महीने में मात्र 40 प्रतिशत वेतन प्राप्त करेंगे. जबकि 60 प्रतिशत वेतन राज्य सरकार के खाते में जाएगा. जिसका उपयोग कोरोना से लड़ने के लिए किया जा सकता है. उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री अजीत पवार ने सरकारी कर्मचारियों और यूनियनों के साथ बैठक के बाद इस बात की घोषणा की. Also Read - महाराष्ट्र में हर दिन टूट रहा रिकॉर्ड! 24 घंटे में कोरोना के सर्वाधिक 5,493 नए मामले सामनेए, 156 की मौत

पवार ने इस बारे में कहा कि यह फैसला कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ लड़ाई में सरकार को आर्थिक रूप से बढ़ावा देगा. ग्रेड ए और ग्रेड बी व सचिव रैंक के अधिकारियों को मार्च महीने का केल 50 प्रतिशत वेतन मिलेगा. वहीं ग्रेड सी के कर्मचारियों को 75 प्रतिशत वेतन मिलेगा. पवार ने ग्रुप डी के कर्मचारियों को राहत देते हुए कहा कि चपरासी और कार्यालय सहायकों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी. इसी कड़ी में राज्य की विभिन्न सरकारों ने घोषणा की है कि वह अन्य राज्यों के राहतकोष में एक महीने का वेतन दान किया जाएगा. Also Read - महाराष्ट्र में आज से खुलेंगे सैलून, स्पा और ब्यूटी पार्लर, इन दिशा-निर्देशों का पालन करना है अनिवार्य