नई दिल्लीः कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अप्रैल को पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी. लॉकडाउन होने के बाद भी कोरोना संक्रमण के मामले में तेजी से बढ़ोतरी हुई. इसका सबसे प्रमुख कारण था कुछ लोगों की नादानी और नासमझी. पूरे देश में कोरोना का संकट तब और ज्यादा गहरा गया जब दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज की घटना उजागर हुई. देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

महाराष्ट्र में कोविड-19 से प्रभावित होने वालों का आंकड़ा नौ सौ के करीब पहुंच गया है. अकेले मुंबई में अब तक 500 से अधिक लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं. जबकि पूरे महाराष्ट्र में करीब 868 मामले सामने आ चुके हैं. सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री के पास एक चाय वाली के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

सोमवार को ही मुंबई के वॉकहार्ट अस्पताल में 26 नर्स और तीन डॉक्टर्स में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी जिसके बाद पूरे हॉस्पिटल को ही कॉन्टेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया था. डॉक्टर्स ने बताया कि अस्पताल में 17 मार्च को एक 70 वर्षीय व्यक्ति में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई थी और उसी से दूसरे मेडिकल स्टॉफ में यह संक्रमण फैला. Also Read - Coronavirus Effect: अब इस राज्य में पोस्टमैन घर-घर पहुंचाएंगे आम और लीची, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

मुंबई में अब तक करीब 34 लोगों ने इस वायरस के कारण अपनी जान गवाई है. पिछले चौबीस घंटे में मुंबई में चार लोगों की कोरोनावायरस के कारण मौत हुई है. रविवार को महाराष्ट्र में कोरोना से 13 लोगों की मौत हुई थी. कोरोना के लगातार बढ़ते मामले के कारण माया नगरी में चारो तरफ दहशत का माहौल है. यह डर और ज्यादा बढ़ गया जब फिल्मकार करीम मोरानी की दोनो बेटियों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई.

करीम मोरानी की दोनों बेटियों का नानावती अस्पताल में इलाज चल रहा है और इसी के साथ परिवार के बाकी सदस्यों को क्वारंटीन में भेज दिया गया है.