लखनऊ: सरकारी अस्पतालों के एम्बुलेंस चालकों और अन्य सहयोगी कर्मियों ने मास्क, सैनिटाइटर और तनख्वाह मिलने में हो रही देरी के कारण नाराजगी जाहिर की है. एम्बुलेंस ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा, “हम रोगियों को ले जा रहे हैं, उनमें से कई कोरोना संक्रमित हैं, लेकिन हमें मास्क और सैनिटाइजर सहित कोई भी सुरक्षात्मक गियर प्रदान नहीं किया गया है. हम पूरी तरह से घातक बीमारियों के संपर्क में हैं. अस्पताल अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं है.” Also Read - हरियाणा सरकार का आदेश- मास्क नहीं पहनने और सार्वजनिक स्थानों पर थूका तो लगेगा 500 रुपए का जुर्माना

उन्होंने कहा कि केवल मुट्ठी भर, लगभग एक दर्जन एम्बुलेंस कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने, सैनिटाइटर और कीटाणुनाशक प्रदान किए गए थे, जबकि अन्य इनके बिना काम कर रहे हैं. इस बीच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी घनश्याम सिंह ने कहा कि केवल पांच एम्बुलेंस कोरोना संदिग्धों को लाने के लिए रखे गए थे, जबकि अन्य सभी एम्बुलेंस सामान्य रोगियों के लिए हैं. उन्होंने कहा, “जो कर्मचारी कोरोनावायरस रोगियों के लिए चिह्न्ति एम्बुलेंस पर तैनात किए गए हैं, उन्हें मास्क और सैनिटाइजर प्रदान किए गए हैं.” Also Read - रिसर्च में बड़ा दावा: 6 फीट की दूरी नहीं पर्याप्त, कोरोना से बचना है तो इतनी दूरी करें मेंटेन

केजीएमयू, बलरामपुर और सिविल अस्पताल में एम्बुलेंस ड्राइवरों ने कहा कि उनका वेतन भी लंबित है, और कई बार याद दिलाने के बावजूद उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं मिल पाया है. बलरामपुर अस्पताल के एक चालक ने कहा, “सरकार हमें इन गंभीर समय में काम करने के लिए मजबूर कर रही है. अधिकारियों को यह महसूस करना चाहिए कि लॉकडाउन में हमारे परिवारों को भी पैसे की जरूरत होगी.” अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि वेतन और बकाया की मंजूरी के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई थी और जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा. अधिकारी ने कहा, “कई ड्राइवरों को पहले ही वेतन दिया जा चुका है और कुछ ही शेष बचे हैं.” Also Read - Uttar Pradesh Coronavirus Update: कोरोना के 6 हजार से अधिक मामले, ये जिला सबसे अधिक प्रभावित, देखें जिलेवार लिस्ट