लखनऊ: सरकारी अस्पतालों के एम्बुलेंस चालकों और अन्य सहयोगी कर्मियों ने मास्क, सैनिटाइटर और तनख्वाह मिलने में हो रही देरी के कारण नाराजगी जाहिर की है. एम्बुलेंस ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा, “हम रोगियों को ले जा रहे हैं, उनमें से कई कोरोना संक्रमित हैं, लेकिन हमें मास्क और सैनिटाइजर सहित कोई भी सुरक्षात्मक गियर प्रदान नहीं किया गया है. हम पूरी तरह से घातक बीमारियों के संपर्क में हैं. अस्पताल अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं है.” Also Read - बरेली में गांवों में कोरोना से कई लोगों की मौत का दावा, प्रशासन ने कहा- कराएंगे ऑडिट

उन्होंने कहा कि केवल मुट्ठी भर, लगभग एक दर्जन एम्बुलेंस कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने, सैनिटाइटर और कीटाणुनाशक प्रदान किए गए थे, जबकि अन्य इनके बिना काम कर रहे हैं. इस बीच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी घनश्याम सिंह ने कहा कि केवल पांच एम्बुलेंस कोरोना संदिग्धों को लाने के लिए रखे गए थे, जबकि अन्य सभी एम्बुलेंस सामान्य रोगियों के लिए हैं. उन्होंने कहा, “जो कर्मचारी कोरोनावायरस रोगियों के लिए चिह्न्ति एम्बुलेंस पर तैनात किए गए हैं, उन्हें मास्क और सैनिटाइजर प्रदान किए गए हैं.” Also Read - High Court से केंद्र सरकार को जमकर फटकार-Oxygen Crisis से हो रही मौत, ये नरसंहार नहीं तो क्या...

केजीएमयू, बलरामपुर और सिविल अस्पताल में एम्बुलेंस ड्राइवरों ने कहा कि उनका वेतन भी लंबित है, और कई बार याद दिलाने के बावजूद उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं मिल पाया है. बलरामपुर अस्पताल के एक चालक ने कहा, “सरकार हमें इन गंभीर समय में काम करने के लिए मजबूर कर रही है. अधिकारियों को यह महसूस करना चाहिए कि लॉकडाउन में हमारे परिवारों को भी पैसे की जरूरत होगी.” अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि वेतन और बकाया की मंजूरी के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई थी और जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा. अधिकारी ने कहा, “कई ड्राइवरों को पहले ही वेतन दिया जा चुका है और कुछ ही शेष बचे हैं.” Also Read - Chhattisgarh: लॉकडाउन में शराब नहीं मिली तो पी गया सैनिटाइजर, जानें फिर क्या हुआ...