इंदौर: देश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में महामारी के प्रकोप के मद्देनजर प्रशासन की लागू पाबंदियों में ढील के बाद जन-जीवन सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है लेकिन इसके साथ ही, कोरोना वायरस संक्रमितों की तादाद में भी तेजी से इजाफा हो रहा है.Also Read - CoronaVirus Latest Update: बड़ी खबर-साल के अंत तक खत्म हो जाएगी महामारी, हमारे बीच ही रहेगा कोरोना, WHO ने कहा...

अधिकारियों ने बताया कि जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान 247 नये मामले मिलने के बाद महामारी के मरीजों की कुल तादाद बढ़कर 11,408 पर पहुंच गयी है. यह जिले में पिछले पांच महीने से जारी प्रकोप के दौरान एक ही दिन में मिले संक्रमितों की सर्वाधिक तादाद है. Also Read - भारत में 2 सालों में पेड़, वन क्षेत्र में 2261 वर्ग KM की बढ़ोतरी हुई : ISFR Report

प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) पूर्णिमा गाडरिया ने सोमवार को बताया, “हमें पिछले 24 घंटों के दौरान 2,591 नमूनों की जांच में कोविड-19 के 247 नये मरीज मिले हैं. इनमें शहर के एक शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल हैं जो सरकारी अस्पताल के प्रभारी भी हैं.” जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की तेज रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले पांच दिन में 1,000 से ज्यादा नये संक्रमित मिले हैं. Also Read - 50% कैपसिटी के साथ चलते रहेंगे स्‍कूल, फिलहाल नहीं होंगे बंद: सीएम शिवराज सिंह चौहान

अधिकारियों ने बताया कि राज्य की आर्थिक राजधानी के रूप में मशहूर इंदौर शहर में खासकर बाजारों को लेकर कोविड-19 की पाबंदियों में पिछले एक महीने में सिलसिलेवार तौर पर छूट दी गयी है. इससे बाजारों और सड़कों पर भीड़ बढ़ रही है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गुजरे पांच महीने के दौरान जिले में कुल 364 मरीज कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं, जबकि 7,874 लोग इलाज के बाद इस संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं.

जिले में सोमवार सुबह की स्थिति में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर 3.19 फीसद दर्ज की गयी जो 1.85 प्रतिशत के मौजूदा राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है. यह दर जिले में महामारी के प्रकोप की शुरूआत से ही राष्ट्रीय औसत के मुकाबले अधिक बनी हुई है.

स्वास्थ्य विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जिले में कोविड-19 के उपचाररत मरीजों की संख्या 3,170 है. इनमें से 713 लोगों को गृह पृथक-वास (होम आइसोलेशन) में रखकर उनका इलाज किया जा रहा है. जिले में कोविड-19 के प्रकोप की शुरूआत 24 मार्च से हुई, जब पहले चार लोगों में इसके संक्रमण की पुष्टि हुई थी.