नई दिल्ली: पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस के चपेट में है. हर देश इससे लड़ने के लिए रणनीति बना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संबोधन में कहा कि मंगलवार रात 12 बजे से पूरे देश में पूर्ण लॉकडाउन होगा. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए यह जरूरी हो गया है. यह लॉकडाउन 21 दिन का होगा. हालांकि इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी. मगर फिर भी कुछ राज्यों और शहरों में लोग घर से बाहर निकलना नहीं छोड़ रहे हैं. Also Read - Coronavirus in Delhi: दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,897 नए मामले सामने आए, 39 रोगियों की मौत

जम्मू में पिछले दिनों कुछ ऐसा ही नज़ारा सामने आया जब लोग लॉकडाउन के बावजूद सड़क पर थे लेकिन पुलिस ने उन लोगों के साथ कुछ ऐसा किया जो बेहद मज़ेदार था. लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले लोगों को सड़क के बीच में थोड़ी थोड़ी दूरी पर बनाए गए सर्किल में बैठाया गया जिससे वो सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब समझ सकें. Also Read - कोरोना संकट का असर, हरियाणा रोडवेज की बसों के उत्तराखंड में प्रवेश करने पर रोक

बता दें की पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग गलतफहमी हैं कि सोशल डिस्टैंसिंग केवल मरीज के लिए आवश्यक है. यह सोचना सही नहीं है. सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक के लिए, हर परिवार के लिए, परिवार के हर सदस्य के लिए है, प्रधानमंत्री के लिए भी है. कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच, आपको, आपके बच्चों को, आपके माता-पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को और आगे चलकर पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी.