नई दिल्ली: पूरी दुनिया कोरोना वायरस (COVID-19) की समस्या से जूझ रही है. दुनियाभर में अब तक 18 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही लाखों लोग इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. वहीं भारत की बात करें तो अब तक 10 लोगों के मौत की पुष्टि की जा चुकी है. पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है. लेकिन इसी बीच झारखंड से एक चौंकाने वाली खबर आई है. झारखंड के सिंहभूम जिले के सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर दंपती ने सिर्फ इसलिए नौकरी से इस्तीफा दे दिया क्योंकि उनकी तैनाति कोरोना वायरस पीड़ितों को आइसोलेशन वार्ड में कर दी गई थी. Also Read - Coronavirus: शरद पवार ने PM से उठाया जमात का मुद्दा, बोले- खास समुदाय को दोष देना ठीक नहीं

इस बारे में अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर दंपती ने व्हाट्सऐप पर इस्तीफा दे दिया था बाद में फिर ईमेल कर अपना इस्तीफा अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया. इस बारे में पश्चिम सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डॉ. मजू देवी ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी के आदेश के बाद मैंने डॉ. आलोक तिर्की को 24 घंटे का समय दिया है साथ ही उन्हें जल्द से जल्द ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है. Also Read - IT डिपार्टमेंट Rs. 5 लाख तक के इनकम टैक्‍स रिफंड तुरंत वापस करेगा, 14 लाख करदाताओं को लाभ

डॉ. मंजू ने कहा कि अगर वो 24 घंटे के भीतर ड्यूटी पर वापस नहीं आते हैं तो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा उनके पंजीकरण को निरस्त कर दिया जाएागा. यही नहीं उनके खिलाफ महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत FIR भी दर्ज किया जाएगा. बता दें कि डॉ तिर्की और उनकी पत्नी डॉ. सौम्या को 3 दिन पहले आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया था. इसके बाद इन्होंने स्वास्थ का हवाला देते हुए त्याग पत्र दिया था. गौरतलब है कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप फैला हुआ है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. भारत में लॉकडाउन होने तक कुल 10 लोगों के मौत की पुष्टि की जा चुकी है. Also Read - COVID-19: कोरोना ने दुनिया पर ढाया कहर, संक्रमण से मरने वाली की संख्या 80000 के पार