नई दिल्ली: दिल्ली सरकार से राष्ट्रीय राजधानी में काम कर रहे हरियाणावासियों के लिए ठहरने की व्यवस्था करने का आग्रह करने के कुछ घंटों बाद, हरियाणा सरकार ने सोमवार शाम को दिल्ली से लगी अपनी सीमाओं को सील करने का फैसला किया है. हरियाणा सरकार ने ये फैसला हाल ही में दिल्ली में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया है. Also Read - COVID-19 से जूझ रहे भारत के लिए भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर भेज रहे 5,000 ऑक्‍सीजन कंसंट्रेटर

दरअसल हरियाणा में हाल ही में पाए गए अधिकतर कोरोना के मामले दिल्ली से जुड़े निकले. अब सरकार के इस नए कदम के साथ, गुड़गांव और फरीदाबाद के बीच यात्रा कड़ी हो जाएगी. इससे पहले, दो अन्य सीमाओं – सोनीपत और झज्जर – को COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए सील किया गया था. Also Read - COVID-19 Cases on 8 May 2021: देश में कोरोना से 24 घंटे में 4,187 मौतें, आज फिर नए मामले 4 लाख के पार

हालांकि, जो लोग भी गुरुग्राम से दिल्ली ट्रैवल करना चाहते हैं, उनके लिए मंगलवार से सरकार से पास हासिल करने की जरूरत होगी. अधिकारियों ने कहा है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मीडिया के लोगों और आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वालों को सीमा पर आवाजाही के लिए पास की आवश्यकता होगी. Also Read - COVID-19: बारात लेकर जा रहा दूल्‍हा और ड्राइवर निकले कोरोना पॉजिटिव, मच गया हड़कंप

इससे पहले हरियाणा सरकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अनुरोध किया था कि वि दिल्ली सरकार में कार्यरत हरियाणा के निवासियों के रहने का प्रबंध करें क्योंकि कर्मचारियों के प्रतिदिन आवागमन से कोविड-19 फैलने का खतरा है. हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने शनिवार को कहा कि दिल्ली की सीमा से लगे सोनीपत में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 17 मामले सामने आ चुके हैं जिसमें से 13 व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें दिल्ली में संक्रमण हुआ.

विज ने कहा कि झज्जर के निवासी दिल्ली पुलिस के एक कर्मी में भी संक्रमण की पुष्टि हुई. उन्होंने कहा कि इसके अलावा गुरुग्राम के एक निवासी को भी दिल्ली में संक्रमण हुआ. उन्होंने कहा, “यह स्थिति खतरनाक है और इससे हरियाणा में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.”

विज ने कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल सरकार से अनुरोध करता हूँ कि दिल्ली सरकार के जो कर्मचारी हरियाणा के निवासी हैं उनके रहने का इंतजाम दिल्ली में ही किया जाए और हरियाणा में स्थित उनके घर जाने के लिए उन्हें पास न दिए जाएं.”