नई दिल्ली : देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन (Lockdown) के बावजूद भारत में लगातार कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले बढ़ते जा रहे हैं. सरकार लगातार इस महामारी से बचने के लिए लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distance) बनाए रखने और सुरक्षात्मक सावधानियां अपनाए जाने की अपील जनता से कर रही है. लेकिन, इन सबके बाद भी लगातार देश में कोरोना के बढ़ते मरीजों से लोगों में भय का माहौल है और सरकार के लिए भी यह स्थिति अब बड़ी चुनौती बन गई है. बता दें देश में अभी तक 5290 कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि 166 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 400 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

बात करें कोरोना पॉजिटिव मरीजों की तो भारत में अभी तक सबसे ज्यादा COVID-19 के मरीज महाराष्ट्र (Maharashtra) में पाए गए हैं, जहां अबी तक 1161 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं. इनमें से 79 रोगमुक्त हो चुके हैं तो वहीं 64 की मौत हो चुकी है. इसके बाद तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 690 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 19 रोगमुक्त हुए और 7 की मृत्यु. दिल्ली (Delhi) में 606 मरीज, 20 रोगमुक्त और 9 की मृत्यु. Also Read - कोरोना के बढ़ते मामले या सीमा पर तनाव है वजह! भारत से अपने नागरिकों को निकालेगा चीन

तेलंगाना में 404, राजस्थान में 343, केरल में 336, उत्तर प्रदेश में 332, आंध्र प्रदेश में 324, मध्य पर्देश में 280, कर्नाटक में 204, गुजरात में 168, हरियाणा में 129, जम्मू और कश्मीर में 125, पंजाब में 99, पश्चिम बंगाल में 87, उड़ीसा में 42, बिहार में 34, उत्तराखंड में 31, असम 28, चंडीगढ़ में 18, लद्दाख 14, हिमाचल प्रदेश में 27, छत्तीसगढ़ में 10, अंडमान और निकोबार में 10, गोवा में 7, पुडुचेरी में 6, झारखंड में 4, मणिपुर में 2, त्रिपुरा में 1, मिजोरम में 1 और अरुणाचल प्रदेश में 1 कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं. Also Read - कोर्ट में पेश आरोपी कोरोना पॉजिटिव, जज-पुलिसकर्मी समेत 100 से अधिक लोग Quarantine में भेजे गए

बता दें कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे भारत में 21 दिन का लॉकडाउन है जो 25 मार्च से शुरू हुआ था. कोविड-19 के कारण 183 देशों में 75,800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 13.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. कुछ राज्यों ने हालांकि संकेत दिया कि कुछ क्षेत्रों में बंद की शर्तों में राहत दी जा सकती है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा कि वह असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए काम के मोर्चे पर “सीमित छूट” दिए जाने के विकल्प पर विचार कर रही हैं क्योंकि वे बंद से सबसे ज्यादा प्रभावित लोगों में से हैं. उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि अनुमति देंगे लेकिन सभी को सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करना होगा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में सात क्षेत्रों की पहचान की है जो कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित हैं.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि अगर जरूरत हुई तो उनकी सरकार बंद को बढ़ाएगी, जबकि राजस्थान के उनके समकक्ष अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य बंद को तत्काल वापस नहीं ले सकता और इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. कर्नाटक के एक मंत्री ने कहा कि बंद को हटाने पर अभी कोई फैसला करना जल्दबाजी होगा लेकिन उनका रुझान बंद को दो और हफ्तों के लिये बढ़ाने की तरफ दिखा.

सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बंद को हटाए जाने के तौर-तरीकों पर चर्चा करते हुए स्पष्ट संकेत दिये थे कि एक बार में बंद को हटाए जाने की संभावना बेहद कम है. एक सूत्र ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से यह भी पूछा था कि इन पाबंदियों को क्षेत्रवार या जिलावार कैसे हटाया जाना चाहिए.

मोदी ने मंत्रियों से महामारी के आर्थिक प्रभाव को रोकने के लिये योजना तैयार करने को भी कहा. रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिये मंगलवार को जीडीपी के सिर्फ 2 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया और कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 31 मार्च को खत्म हुई चौथी तिमाही में 4.5 प्रतिशत की कमी आई है.