नई दिल्ली: केंद्र ने आम जनता के हित में कोविड-19 से जुड़ी स्थिति का मौके पर ही आकलन करने और इससे निपटने के लिए राज्य प्राधिकरणों को आवश्यक निर्देश देने एवं अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने के लिए 6 अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीमों (आईएमसीटी) का गठन किया है. इनमें से दो-दो टीमों का गठन पश्चिम बंगाल एवं महाराष्ट्र के लिए और एक-एक टीम का गठन मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए किया गया है. लेकिन अब इन टीमों को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार आमने सामने है. दल भेजने पर आपत्ति जताते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि इस तरह का कदम एकपक्षीय और अनपेक्षित है. Also Read - कोरोना: भारत में एक दिन में सामने आए रिकॉर्ड मामले, संक्रमितों की संख्या 2 लाख सात हज़ार पार

मंगलवार को इस टीम ने बीएसएफ की निगरानी में दौरा किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (IMCT) के कोलकाता दौरे के दौरान राज्य पुलिस और BSF उनकी सुरक्षा में तैनात की गई. Also Read - कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने में मदद करेगी गुजरात कोविड म्यूटेशन अध्ययन, जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय 

कोविड-19 के केन्द्रीय दल ने ममता सरकार पर सहयोग ना करने का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा कोविड-19 की स्थिति का आकलन करने के लिए गठित केन्द्रीय दलों के राज्य के दौरे की जानकारी गुप्त रखने का आरोप लगाए जाने के बाद, अब एक पैनल के एक सदस्य ने राज्य सरकार पर सहयोग ना करने का आरोप लगाया है. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि कोविड-19 को लेकर मुंबई, पुणे, इंदौर, जयपुर, कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कुछ अन्य स्थानों पर हालात ‘‘विशेष रूप से गंभीर’’ हैं और लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन से कोरोना वायरस का संक्रमण और फैलने का खतरा है.

राज्य में भेजे गए दो दलों में से एक के सदस्य अपूर्व चंद्रा ने दावा किया कि उन्हें कहा गया है कि वे मंगलवार को ‘‘बाहर नहीं जाएंगे’’. रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव चंद्रा ने कहा, ‘‘हमें केन्द्र सरकार ने तैनात किया है और तैनाती के हमारे आदेशानुसार राज्य सरकार हमें जरूरी साजोसामान मुहैया कराएगी….. मैं मुख्य सचिव के सम्पर्क में हूं और यहां आने के बाद से ही उनसे मदद मांग रहा हूं.’’ उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘मैंने कल उनसे मुलाकात भी की थी. लेकिन आज हमें बताया गया कि कुछ समस्याओं के चलते हम आज बाहर नहीं जा सकते. मुख्य सचिव हमसे मिलने आने वाले हैं और हम फिर उनके साथ बैठक करेंगे.’’

चंद्रा ने कहा कि दल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दौरे को और अधिक कारगर बनाने के लिए वे राज्य अधिकारियों के साथ बाहर जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन अब एक दिन बीत चुका है और हमने केवल एनआईसीईडी (एक आईसीएमआर केन्द्र) और राज्य सचिवालय का दौरा किया है.’’ पश्चिम बंगाल में दल भेजने पर आपत्ति जताते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि इस तरह का कदम एकपक्षीय और अनपेक्षित है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आकलन के लिए टीम द्वारा अपनाए जाने वाले वे आधार साझा करने को कहा था, जिनके बिना उनकी सरकार ‘‘ आगे कोई कदम नहीं उठा पाएगी.’’

(इनपुट भाषा)