नई दिल्ली: दिल्ली की सीमाओं पर हजारों श्रमिकों का जमावड़ा है. ये वे लोग हैं, जो शहरों में काम करते हैं और अब भूख एवं महामारी के डर से अपने घरों को लौटने के लिए पैदल निकल पड़े हैं. दिल्ली की सीमाओं पर मौजूद श्रमिकों की भीड़ को लेकर दिल्ली सरकार का कहना है कि इनमें हरियाणा, पंजाब और यहां तक कि राजस्थान से भी आए लोग शामिल हैं. दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “दिल्ली की सीमा पर जो लोग हैं, वे केवल दिल्ली से नहीं हैं, बल्कि उनमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान तक से आए लोग शामिल हैं.” हालांकि, दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर एकत्र हुए सभी लोगों को भोजन और उनके ठहरने की व्यवस्था करवाने को लेकर गंभीर है. सरकार ने इसके लिए सीमा के आस-पास ही कई कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं. Also Read - अब दिल्ली के किसी भी स्टेशन पर नहीं मिलेंगे प्लेटफॉर्म टिकट, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला

उपमुख्यमंत्री मनीष ने कहा, “कोरोना के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का लॉकडाउन सफल हो सके, इसके लिए जो भी इस वक्त दिल्ली में है, उसे छत और खाना देने की जिम्मेदारी हमारी (दिल्ली सरकार की) है, लेकिन इससे मिलकर लड़ना होगा.” सिसोदिया ने कहा, “शनिवार को आनंद विहार और गाजीपुर के पास दो स्कूलों में नाइट शेल्टर (रैन बसेरा) बनाए गए हैं. इन नाइट शेल्टर में रहने और खाने की व्यवस्था भी की गई है. पहले दिन यहां केवल 7-8 आदमी ही आए. उम्मीद है कि अब और लोग आएंगे और इसका फायदा उठाएंगे.” दिल्ली की सीमाओं पर हजारों लोगों के एकत्र होने से उत्पन्न हुई समस्याओं पर सिसोदिया ने कहा, “हम सब भारतवासियों को मिलकर कोरोना को रोकना है. प्रधानमंत्री जी ने जिस मकसद से देशभर में लॉकडाउन लगाया है, उसे सबको सफल बनाना है. सिर्फ, दिल्ली नहीं देशभर के शहरों से कामगारों का विस्थापन रोकना है, ताकि लॉकडाउन का मकसद सफल हो सके.” Also Read - 1 मई से 18 के ऊपर सभी को लगेगी कोरोना वैक्सीन, मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

इस बीच दिल्ली सरकार का दावा है कि दिल्ली में राशन की दुकानों पर राशन वितरण नियमित रूप से किया जा रहा है. उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, “अप्रैल महीने का राशन पहले से ही बांटा जाने लगा है, ताकि बीपीएल से जुड़े 72 लाख लोगों के घर में खाने की कमी न रहे.” इस दौरान राजनीतिक दलों के बीच एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने की राजनीति भी शुरू हो चुकी है. सिसोदिया ने कहा, “मुझे बहुत दु:ख है कि कोरोना महामारी के बीच कुछ नेता ओछी राजनीति पर उतर आए हैं. योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल जी ने बिजली पानी काट दिया, इसलिए लोग दिल्ली से जा रहे हैं. यह गंभीरता से एक होकर देश को, बचाने का समय है, घटिया राजनीति करने का नहीं.” Also Read - Punjab Lockdown Updates: पंजाब में लगे नए प्रतिबंध, नाइट कर्फ्यू की समयसीमा बढ़ाई गई; चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला में बुधवार को पूरा लॉकडाउन