नई दिल्‍ली: गुजरात के सूरत शहर में गुरुवार को एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की भीड़ लॉकडाउन के बीच सड़क पर जमा हो गई. पंडसेरा इलाके में जुट प्रवासी श्रमिकों की शिकायत है कि उनके घरों के पास खाना तक नहीं मिल रहा है. कई मजदूर चाहते हैं कि भोजन बांटने वाला प्‍वाइंट नजदीक हो. उनका कहना है कि हम घर जाना चाहते हैं. सूरत में प्रवासी श्रमिकों पिछले तीन दिनों में हर दिना जमा हुए हैं. Also Read - कोरोना टेस्ट होने तक पायल घोष रहेंगी आइसोलेट, रामदास अठावले की मौजूदगी में पार्टी में हुई थीं शामिल

बुधवार को दूसरे दिन पंडोल औद्योगिक क्षेत्र में 300 मजूदर सड़कों पर उतर आए थे
बता दें गुजरात के सूरत में मंगलवार और बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी प्रवासी मजदूरों की भीड़ सड़कों पर नजर आई थी. बुधवार को पंडोल औद्योगिक क्षेत्र के वेद रोड पर शाम चार बजे के आसपास लगभग भोजन परोसने से संबंधित किसी छोटी समस्या के कारण लगभग 300 मजदूर सड़कों पर उतर आए थे. Also Read - ज्यादा समय तक वायु प्रदूषण का सामना करने वाले होशियार, कोरोना से मौत का खतरा बढ़ा

भोजन की शिकायत कर रहे, पुलिस ने तितर-बितर किया था
सूरत के कारखानों में काम करने वाले उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों के हजारों प्रवासी पंडोल क्षेत्र में फंस गए हैं. इन्‍हें कुछ संगठनों की मदद से अधिकारियों द्वारा भोजन मुहैया कराया जा रहा है. कुछ मजदूर मांग कर रहे थे कि भोजन उनके घरों के पास मुहैया कराया जाए. इन मजदूरों ने भोजन स्वादहीन होने की भी शिकायत की. आखिरकार पुलिस ने समय रहते समस्या हल कर इन मजदूरों को तितर-बितर कर दिया था Also Read - कोरोना के चलते काली हो गई थी चीन के इस डॉक्टर की त्वचा, अब नॉर्मल होकर लौटा; साथी गंवा चुका है जान

मंगलवार को भी सड़कों पर उतरे थे श्रमिक
मंगलवार को लॉकडाउन बढ़ने के घंटों बाद वराछा क्षेत्र में सैंकड़ों मजदूर अपने-अपने गृह नगर जाने की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए थे. हाल में प्रवासी मजदूरों ने शहर के लस्काना क्षेत्र में किसी छोटी सी बात को लेकर पथराव और आगजनी का प्रयास भी किया था.