नई दिल्ली: मानव संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संस्थानों ने मिलकर भारत में फैले कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में 38 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. मंत्रालय द्वारा जारी सूची के मुताबिक, 28 संस्थानों ने मिलकर ये योगदान दिया है. इनमें फाउंड्री और फोर्ज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने 2,25,000 रुपये, केंद्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कोकराझार ने रु 4,34,285 रुपये, नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और टेक्नोलॉजी ने 1,296,547 रुपये, घानी खान चौधुरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी ने 3,49,082 रुपये दिए. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरी संस्थान ने 1,000,000 रुपये, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 7,41,000 रुपये, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने 1,069,890 रुपये, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने 47,278,000 रुपये, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ने 2666833 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने 4,444,000 रुपये, नेशनल बुक ट्रस्ट ने 3,41,114 रुपये, भारतीय प्रबंधन संस्थान ने 5,424,496 रुपये का योगदान दिया. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

इसी तरह भाषा संस्थानों ने रु. 6,009,378, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च ने रु. 3,735,539, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्च र ने रु. 8,55,000, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने रु. 30,405,731, केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने रु. 93,479,303 दिया. Also Read - शादी के तुरंत बाद दूल्‍हा-दुल्‍हन सीधे पहुंचे अस्‍पताल, कोरोना टेस्‍ट कराने के बाद पहुंचे घर

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रु. 1,158,987, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रु. 4,07,293, नवोदय विद्यालय समिति ने रु. 74,829,519, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने रु. 2,100,000, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान ने रु. 5,14,976, राष्ट्रीय बाल भवन ने रु. 1,42,939, प्रौढ़ शिक्षा विभाग ने रु. 44,327, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् ने रु. 2,35,724, केंद्रीय विद्यालय संगठन ने रु. 1,04,060,536 एवं राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने रु. 32,47,017 का योगदान दिया है.

इन सब के आलावा कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में इन संस्थाओं में काम करने वाले सभी लोगों ने अपने अपने वेतन से भी योगदान दिया है. गौरतलब है कि कोरोना महामारी के खिलाफ मंत्रालय की पहल पर इन संस्थाओं ने अपना योगदान दिया. इस मौके पर मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि संस्थाओं द्वारा दिया गया योगदान प्रधानमंत्री राहत कोष में दिया जाएगा.