नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में महामारी बन चुके कोरोना वायरस पर गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में जहां देशवासियों को इसके खतरों से आगाह किया, वहीं बचने के लिए तमाम अहम सुझाव दिए. उन्होंने कोरोना जैसी महामारी से निपटने में एक ही मूलमंत्र- ‘हम स्वस्थ तो जगत स्वस्थ’ को ही कारगर बताया. यानी खुद संक्रमण से बचेंगे और दूसरों को भी बचाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात आठ बजे राष्ट्र के नाम संबोधन में कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट की प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध के हालात से भी तुलना की. उन्होंने कहा कि उस वक्त भी इतनी ज्यादा संख्या में देश प्रभावित नहीं हुए थे. करीब आधे घंटे के संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दस बड़े संदेश दिए. Also Read - कोरोना के कारण मजदूरों का पलायन: कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट, डर दहशत को बताया वायरस से भी बड़ी समस्या

1- जनता कर्फ्यू Also Read - Covid-19: निजामुद्दीन के मरकज में सैंकड़ों कोरोना संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने दिया मौलाना पर FIR दर्ज करने का आदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से रविवार (22 मार्च) को दो काम करने के लिए कहा. उन्होंने जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सुबह सात से रात नौ बजे तक देशहित में लोग इस दिन बाहर न निकलें. उन्होंने कहा, “22 मार्च को जनता-कर्फ्यू की सफलता, इसके अनुभव, हमें आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे. ये कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है.” प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी अपील में कहा कि कोरोना के खतरों के बीच भी तमाम लोग आवश्यक सेवाओं को संचालित करने में जुटे हैं, उनके प्रति 22 मार्च को शाम पांच बजे पांच मिनट के लिए घर के सामने या बालकनी में खड़े होकर लोग आभार प्रकट करें. स्थानीय प्रशासन पांच बजे सायरन की आवाज से इसकी सूचना लोगों तक पहुंचाए. Also Read - COVID-19 से दुनिया में मौतों का आंकड़ा 34,610, संक्रमण के 7 लाख 27 हजार से ज्‍यादा केस

2- घर से ही करें काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले कुछ सप्ताह तक लोगों को घर से काम करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा, “मेरा आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें. जितना संभव हो सके, आप अपना काम, चाहे बिजनेस से जुड़ा हो, ऑफिस से जुड़ा हो, अपने घर से ही करें.”

3- न जुटाएं जरूरत से ज्यादा सामान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकट की इस घड़ी में अफवाहों से भी सावधान रहने की अपील की. उन्होंने देशवासियों से कहा कि उतना ही सामान खरीदें जितना जरूरी हो, आवश्यकता से अधिक सामानों का संग्रह न करें. पीएम मोदी ने कहा, “मैं देशवासियों को इस बात के लिए भी आश्वस्त करता हूं कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां, जीवन के लिए जरूरी ऐसी आवश्यक चीजों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं.”

4- हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस तरह की वैश्विक महामारी में, एक ही मंत्र काम करता है- हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ. ऐसी स्थिति में जब कोई दवा नहीं है, तो हमारा खुद स्वस्थ बने रहना बहुत आवश्यक है.

5- हर दिन 10 लोगों को करें जागरूक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जागरूकता के काम में आम नागरिकों से भागीदारी की अपील की. उन्होंने कहा कि संभव हो तो हर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के साथ ही जनता-कर्फ्यू के बारे में भी बताए.

6- 65 वर्ष से ऊपर के लोग न निकलें

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा एक और आग्रह है कि हमारे परिवार में जो भी सीनियर सिटिजन्स हों, 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति हों, वो आने वाले कुछ सप्ताह तक घर से बाहर न निकलें.

7- गठित हुआ टॉस्क फोर्स

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कोरोना महामारी से उत्पन्न हो रही आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, वित्त मंत्री के नेतृत्व में सरकार ने एक कोविड-19- इकोनॉमिक रेस्पांस टॉस्क फोर्स के गठन का फैसला किया है. यह टास्क फोर्स सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक मुश्किलों को कम करने के लिए जितने भी कदम उठाए जाएं, उन पर प्रभावी रूप से अमल हो.

8- संकल्प और संयम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संकल्प और संयम से इस वैश्विक महामारी का मुकाबला करने की सलाह दी. उन्होंने कहा, “इस वैश्विक महामारी से मुकाबला करने के लिए दो बातें जरूरी है. पहला संकल्प और दूसरा संयम. आज 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा. हम इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के तौर पर अपने कर्तव्य का पालन करें. केंद्र और राज्य सरकारों के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें. आज हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे.

9- भीड़ से बचें (सोशल डिस्टेंसिंग)

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोग भीड़ से बचें. आजकल इसे सोशल डिस्टेंसिंग कहा जा रहा है. कोरोना वैश्विक महामारी के इस दौर में सोशल डिस्टेंसिंग बहुत ज्यादा आवश्यक है.

10- सेवा करने वालों का वेतन न काटें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संकट के समय उच्च वर्ग और व्यापारी जगत से एक खास अपील की. उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में मेरा देश के व्यापारी जगत, उच्च आय वर्ग से भी आग्रह है कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें. हो सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में वे आपके घर और दफ्तर न आ पाएं तो उनका वेतन न काटें.