नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नोवेल कोरोना वायरस (Coronavirus) के उपचार व संक्रमण रोकने के लिए दिल्ली में विशेष वार्ड बनाए हैं. केंद्र सरकार के अस्पतालों में स्थापित किए गए वार्ड इस तरह से बनाए गए हैं कि इनमें से किसी भी प्रकार का संक्रमण बाहर न जा सके. साथ ही रोगियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के निपटान के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में नोवेल कोरोना वायरस (Coronavirus) के लिए ऐसा ही एक एकांत वार्ड तैयार किया गया है. नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक सुजीत सिंह ने सोमवार को राम मनोहर लोहिया अस्पताल जाकर वायरस के उपचार एवं रोकथाम के लिए बनाए गए एकांत वार्ड का निरीक्षण किया.

कोरोना वायरस के मुद्दे पर सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में नेपाल की सीमा से सटे पांचों राज्यों पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और सिक्किम के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशकों के साथ केंद्र सरकार ने नोवेल कोरोना वायरस (Coronavirus) से निपटने के उपायों पर चर्चा की.

इन पांचो राज्यों के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में शामिल हुए. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया “पांचों राज्यों के मुख्य सचिवों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. राज्यों को कोरोना वायरस (Coronavirus) के संदिग्धों को रखने के लिए अस्पतालों में एकांत वार्ड बनाने को भी कहा गया है.”

अधिकारी ने बताया, “कोरोना वायरस (Coronavirus) से ग्रसित संदिग्धों की तुरंत पहचान कर उनके खून व अन्य नमूने लेकर राज्यों में मौजूद स्वास्थ्य मंत्रालय की टीमों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं. संदिग्धों के नमूनों की जांच पुणे स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय की लैब में भेजे जाएंगे.”

इसके साथ ही उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और सिक्किम के पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि नेपाल से आने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना स्क्रीनिंग के भारत में दाखिल न होने दिया जाए. सोमवार को हुई स्वास्थ्य मंत्रालय की इस उच्चस्तरीय बैठक में मंत्रालय की सचिव प्रीती सुदन, केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव अजय भल्ला व अन्य अधिकारी शामिल हुए. केंद्रीय गृह सचिव ने इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिरकत की.

(इनपुट-आईएएनएस)