CoronaVirus New Guidelines: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मरीजों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है जिसमें होम आइसोलेशन में रहने वाले और हल्के संक्रमण या बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं.केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए इस निर्देश में कहा गया है कि होम आइसोलेशन में 10 दिनों तक रहने और लगातार तीन दिनों तक बुखार न आने की स्थिति में मरीज होम आइसोलेशन से बाहर आ सकते हैं और उस समय टेस्टिंग की जरूरत नहीं है. बुखार को नियंत्रित करने के साथ ही कहा गया है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन सिर्फ और सिर्फ हॉस्पिटल में दिया जा सकेगा और इसे घर पर रखने की कोशिश न करें.Also Read - Arvind Kejriwal LIVE: रेवाड़ी को लेकर ‘अरविंद केजरीवाल’ ने PM MODI पर कसा तंज, मुफ़्त शिक्षा पर लगाया बड़ा आरोप | Watch Video

जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक स्वास्थ्य अधिकारी ही मरीज की स्थिति को हल्का या कोरोना से बिना लक्षण वाला केस है, ये तय करेंगे और ऐसे मामले में मरीज के सेल्फ आइसोलेशन की उनके घर पर व्यवस्था करनी होगी. ऐसे मरीज जिस कमरे में रहते हों उसका आक्सीजन सैचुरेशन भी 94 फीसद से ज्यादा होना चाहिए और उसमें वेंटिलेशन की भी बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए. इसके साथ ही कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों के संक्रमित होने की पुष्टि लैब में जांच होने के बाद होनी चाहिए. Also Read - हर साल की तरह इस साल महंगाई के आंसू नहीं रुला सकेगा प्याज, किए गए हैं ये खास इंतजाम-देखें फोटो

दिशा निर्देश में कहा गया है कि कोरोना से संक्रमित मरीज के लिए हर समय एक देखभाल करने वाला उपस्थित होना चाहिए और होम आइसोलेशन के दौरान केयरटेकर व अस्पताल के बीच संवाद जारी रहना चाहिए. 60 साल से अधिक की उम्र के लोगों और तनाव, डायबिटीज, हार्ट डिजीज, क्रोनिक लंग/लीवर/किडनी रोग इत्यादि केसेज में कोरोना संक्रमण होने की स्थिति में चिकित्साधिकारी उचित तरीके से मरीज के स्वास्थ्य की जांच करने के बाद ही होम आइसोलेशन की मंजूरी देंगे. Also Read - Free Booster Dose: आज से फ्री में लगवाएं Covid-19 वैक्सीन का बूस्टर डोज, कब-कहां- कैसे लगवाएं टीका, जानिए सबकुछ

मरीज का बुखार अगर नियंत्रित नहीं हो पा रहा है तो पैरासीटामोल 650 एमजी दिन में चार बार ले सकते हैं. अगर इसके बाद भी बुखार नियंत्रित नहीं होता हो तो डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं जो नोप्रोक्सेन 250 एमजी जैसी नॉन-स्टेयरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग दवाइयां दिन में दो बार दे सकते हैं.

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि ऐसे मरीज तीन से पांच दिनों के लिए आइवरमेक्टिन (200 एमसीजी/किग्रा) टैबलेट दिन में एक बार ले सकते हैं. पांच दिन से अधिक बुखार/खांसी रहने पर इंहेलर के जरिए इन्हेलेशनल बूडेसोनाइड दिन में दो बार 800 एमसीजी की डोज दे सकते हैं.