देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर धीरे-धीरे कम हो रहा है. कोरोना के मामले कम होने के बाद देश के लगभग सभी राज्यों में पाबंदियों को खत्म किया गया है. राज्यों में अनलॉक के माध्यम से ढील दी जा रही हालांकि संभावित तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर तमाम तरह के एहतियात भी बरते जा रहे हैं. इन सबके बीच आने वाले त्योहारी सीजन को लेकर सरकार ने एक बार फिर सतर्कता बरतने की बात की है. आगामी त्योहारों से पहले केंद्र ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि नियंत्रण क्षेत्रों में और उन जिलों में बड़े सामूहिक कार्यक्रम न हों जहां संक्रमण दर पांच प्रतिशत से ज्यादा है.Also Read - Gujarat Corona Update: गुजरात के इस शहर में दिवाली के बाद जाने वालों के लिए निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट जरूरी

राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखी चिट्ठी में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि व्यक्तियों की समिति संख्या के साथ आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर नजर रखी जाए और मास्क लगाने एवं एक दूसरे से दूरी बनाने के नियम के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा, ‘अधिक सतर्कता बरतते हुए बड़े सामूहिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘(स्थानीय संदर्भ में लोगों की) सीमित संख्या वाले कार्यक्रमों को अग्रिम अनुमति लेने पर उन जिलों में अनुमति दी जा सकती है जहां संक्रमण दर पांच प्रतिशत या उससे कम है.’ Also Read - Coronavirus cases In India: फिर डरा रहे कोरोना के आंकड़े, एक दिन में 585 लोगों की मौत, 13,451 लोग हुए संक्रमित

भूषण ने राज्यों से कहा कि साप्ताहिक संक्रमण दर के आधार पर प्रतिबंध लगाएं जाएं या ढील दी जाए एवं इसकी निगरानी की जाए. उन्होंने कहा कि अगर पाबंदियां लगाने की जरूरत पड़ती है तो बिना देरी किए लगाई जाएं और कम से कम 14 दिन की अवधि के लिए ये प्रतिबंध लागू रहें. स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि ‘टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट- वैक्सीनेट (जांच, पता लगाना, इलाज करना, टीकाकरण) एवं कोविड उपयुक्त व्यवहार की पांच सूत्री रणनीति पर ध्यान दिया जाए. Also Read - COVID-19 vaccination: टीकाकरण को रफ्तार देने के लिए आज राज्यों के स्वास्थ मंत्रियों से मीटिंग करेंगे मंडाविया

उन्होंने कहा कि यह अहम अवधि है, क्योंकि त्योहारों के दौरान कोविड सुरक्षित व्यवहार को नजरअंदाज किया जा सकता है और बड़े सामूहिक कार्यक्रम व मेले हो सकते हैं. भूषण ने कहा कि त्योहारों को सावधानीपूर्वक, सुरक्षित और कोविड उचित तरीके से मनाने के लिए दिशानिर्देशों का पालन करना अहम है.

उन्होंने कहा, ‘कोविड के उचित व्यवहार को लागू करने में किसी भी तरह की ढिलाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इसके नतीजतन मामलों में वृद्धि हो सकती है.’ केंद्र ने मंगलवार को राज्यों को भेजे पत्र में कहा कि एक-दूसरे से दूरी बनाने और मास्क लगाने के नियम के पालन के लिए सीसीटीवी के इस्तेमाल से निगरानी की जा सकती है. केंद्र ने कहा कि राज्य सरकारें यह बताने के लिए कि कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है और कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन कराने के लिए रात्रि कर्फ्यू, सप्ताहांत कर्फ्यू एवं अन्य पाबंदियां जारी रख सकती हैं.

(इनपुट: भाषा)