नई दिल्‍ली: पीएम नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनोवायरस CoronaVirus के प्रकोप की बढ़ती आशंकाओं के कारण अपनी बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स की यात्रा स्‍थग‍ित कर दी है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वह भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले थे. Also Read - कोरोना से अब तक 111 लोगों की मौत, भारत में 4281 हुई संक्रमितों की संख्या; राज्यों ने दिए लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक प्रेस वार्ता में कहा, ”जहां तक भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का संबंध है, जिसमें पीएम मोदी को भाग लेना था, दोनों देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सुझाव दिया कि यात्रा वर्तमान में नहीं होनी चाहिए. इसलिए, यह निर्णय लिया गया कि शिखर सम्मेलन को पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीख तारीख फिर से तय की जाएगी.” Also Read - कोरोना वायरस से हुई मां की मौत तो बेटे ने शव लेने से किया इनकार, जिला प्रशासन को करना पड़ा अंतिम संस्कार

विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण स्वास्थ्य अधिकारियों के परामर्श के मद्देनजर भारत और यूरोपियन यूनियन ने प्रधानमंत्री मोदी की ब्रसेल्स यात्रा की तारीख फिर से निर्धारित करने का फैसला किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनजर भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के कार्यक्रम में बदलाव किया जाएगा. पहले यह सम्मेलन इसी महीने होना था. Also Read - कांग्रेस ने सांसदों के वेतन में कटौती का स्वागत किया, सांसद निधि बहाल करने की मांग

रवीश कुमार ने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच घनिष्ठ सहयोग की भावना से निर्णय लिया गया है जो वैश्विक स्वास्थ्य के लिए समान चिंताओं और प्रतिबद्धता को साझा करते हैं और आशा करते हैं कि प्रकोप का जल्द ही समाधान हो जाएगा.

MEA के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने कहा, जब पीएम मोदी बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना से मिले, तो उन्होंने विशेष रूप से पीएम मोदी को बंगबंधु (शेख मुजीबुर रहमान) के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. पीएम ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया था और वह समारोह में भाग लेने के लिए बांग्लादेश जाएंगे. हम बाद में और विवरण साझा करेंगे.

दिल्ली हिंसा पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन की टिप्पणियों पर MEA प्रवक्‍ता ने कहा कि वे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं, वे अपने स्वयं के राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित हैं. हम राज्य के प्रमुख से ऐसे बयानों की उम्मीद नहीं करते हैं. हमने इस पर 3 मार्च को दिल्ली में तुर्की के राजदूत के साथ मजबूती से प्रतिरोध किया है.

विदेश मंत्रालय के 495 ईरानी पर्यटकों के लापता होने की रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा कि अभी तक हमें ईरानी दूतावास से इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. भारत में आने वाले कुछ ईरानी पर्यटक कोरोना वायरस के प्रकोप से पहले यहां आए थे और वे वापस नहीं आ सके. क्योंकि वर्तमान में कोई भी फ्लाइट दोनों देशों का संचालन नहीं कर रही है.