भोपाल: मध्य प्रदेश के एक गैर सरकारी संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लॉक डाउन के दौरान नेटफ्लिक्स जैसी अन्य साइट की इंटरनेट सेवा और सब्सक्रिप्शन मुफ्त और पोर्न साइट से बैन हटाने की मांग की है. मध्य प्रदेश के यूथ क्विक फांउंडेशन नाम के गैर सरकारी संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 21 दिन का लॉक डाउन किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बीमारी की रोकथाम के लिए लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी है. Also Read - Mann Ki Baat Live: पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट पर देशवासियों से मांगी माफी, कही ये बड़ी बातें

गैर सरकारी संगठन का मानना है कि, इन स्थितियों में अगर हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन के साथ ऑन लाइन स्टर्मिंग सर्विस नेट फ्लिक्स, हॉटस्टार, अमेजन प्राइम, वूट, अल्ट बालाजी आदि का फ्री डाटा सब्सक्रिप्शन दिलाया जाए और पोर्न वेबसाइट पर लगे प्रतिबंध को खत्म कर उसे भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाए तो युवाओं को घरों में रोकना आसान होगा. Also Read - कोरोना का कहर, सरकार और RBI के प्रोत्साहन के बावजूद झेलनी पड़ी आर्थिक गिरावट

संगठन का मानना है कि देश आबादी की 60 प्रतिशत जनसंख्या युवा है, इसलिए इस दिशा में पहल की जाना चाहिए, साथ ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कहा है कि लॉक डाउन के बाद पोर्न वेबसाइट पर फिर रोक लगा दी जाए. फाउंडेशन के अध्यक्ष ऋषभ राज सिंह ने आईएएनएस से कहा कि, ऑन लाइन स्टर्मिंग सर्विस का फ्री डाटा देने मांग की है, साथ पोर्न साइट से लॉक डाउन के दौरान बैन हटाने की मांग की है. ऐसा करने से युवाओं को घरों में व्यस्त रखा जा सकेगा. Also Read - VIRAL VIDEO: क्या साथ रह रहे हैं रणबीर कपूर और आलिया, कोरोना लॉकडाउन के बीच साथ आए नजर