नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय राजधानी में लॉकडाउन होने के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय ने अपने कामकाज को सीमित करने का फैसला किया. उच्चतम न्यायालय में सोमवार से केवल एक अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामलों की सुनवाई होगी. वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट में सभी वकीलों के चैंबर को कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर आज शाम से 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए गए हैं. Also Read - Delhi Metro Travel Guidelines: दिल्ली मेट्रो ने Lockdown के दौरान यात्रा के लिए जारी की गाइडलाइंस, अब 8 बजे मिलेगी पहली ट्रेन और....

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि COVID19 के चलते कोर्ट परिसर के अंदर वकीलों के चैंबर को बंद कर दिए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट का यह भी कहना है कि अगले आदेश तक व्यक्ति की सुनवाई नहीं होगी. अदालत तत्काल मामलों की सुनवाई के लिए वीडियोकांफ्रेंसिंग का आयोजन करेगी. Also Read - Covid-19 RT-PCR Test: कोविड के लक्षण हैं, लेकिन रिपोर्ट में संक्रमण की नहीं हुई पुष्टि तो क्या करें? विशेषज्ञ ने दी यह सलाह...

रविवार देर शाम को जारी एक परिपत्र में सुप्रीम कोर्ट ने अदालत संख्या 2, 8 और 14 के सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई रद्द कर दी और कहा कि बुधवार से दो न्यायाधीशों की एक पीठ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जरूरी मामलों की सुनवाई करेगी.


उच्चतम न्यायालय ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी कि प्रधान न्यायाधीश एसए बोबड़े और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड की पीठ तीन मामलों की वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करेगी, जिसमें वकीलों से आग्रह किया गया है कि वे दूसरे कक्ष से अदालत को संबोधित करें, जबकि न्यायाधीश एक अलग कक्ष में बैठे होंगे.

वकीलों के संगठन सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीओएआरए) ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए और 31 मार्च तक दिल्ली के पूरी तरह लॉकडाउन रहने के कारण यह संकल्प लिया गया कि सदस्य चार अप्रैल तक अदालत में उपस्थित नहीं होंगे.

वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट में सभी वकीलों के चैंबर को कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर आज शाम से 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए गए हैं.