नई दिल्ली: दिल्ली में छह दिन के भीतर कोरोना वायरस के दस हजार से अधिक नए मामले सामने आए और कुल संक्रमित लोगों की संख्या 40,000 के पार पहुंच गई. इस लिहाज से यहां प्रतिदिन औसतन 1,600 से अधिक नए मामले सामने आए. दिल्ली सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया. संक्रमण के मामले 20,000 से 30,000 तक पहुंचने में आठ दिन लगे जबकि 10,000 से 20,000 तक पहुंचने में 13 दिन लगे थे. नौ जून को संक्रमण के मामले 30,000 के पार पहुंच गए थे और 14 जून को कुल मामले 40,000 से अधिक हो गए. Also Read - Earthquake in Delhi: दिल्ली-NCR में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, रिएक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई तीव्रता

रविवार को दिल्ली में 2,224 नए मामले सामने आए जो एक दिन में यहां आए सर्वाधिक नए मामले हैं. इनके साथ रविवार को संक्रमण के कुल 41,000 मामले हो गए तथा मृतक संख्या 1,327 पर पहुंच गई. दिल्ली सरकार ने कहा है कि जुलाई माह के अंत तक दिल्ली में संक्रमण के 5.5 लाख मामले हो सकते हैं. Also Read - संदेसरा बैंक धोखाधड़ी मामले में अहमद पटेल से ईडी की10 घंटे तक चली पूछताछ, कांग्रेस नेता बोले- ये राजनीतिक साजिश

राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र ने दखल देते हुए कोविड-19 की जांच की संख्या अगले दो दिन में दोगुनी करने तथा संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए दिल्ली में कोविड-19 हॉटस्पॉट क्षेत्रों में घर-घर सर्वे करने की रविवार को घोषणा की. Also Read - कोविड-19 की दवा विकसित करने के लिए 'ड्रग डिस्कवरी हैकाथन' शुरू, देश में पहली बार हो रही ऐसी पहल

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच दिल्‍ली की केजरीवाल सरकार ने अपना एक अहम फैसला महज कुछ घंटों के अंतराल में वापस ले लिया है. जी हां, दरअसल अब दिल्ली में सभी नर्सिंग होम को ‘कोविड-19 नर्सिंग होम’ में नहीं बदला जाएगा. अब इस आदेश को तत्‍काल प्रभाव से वापस ले लिया है.

शनिवार रात दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस मरीजों के लिए बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के मकसद से 10 से 49 बिस्तरों की क्षमता वाले सभी छोटे एवं मध्यम मल्टी स्पेशियलिटी नर्सिंग होम को ‘कोविड-19 नर्सिंग होम’ घोषित किया था.