नई दिल्लीः कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय सोमवार को एक तरह से लॉकडाउन की स्थिति में चला गया और उसने उच्चसुरक्षा क्षेत्र में वकीलों एवं अन्य कर्मियों के प्रवेश को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया. Also Read - कोरोना से जंग: विराट से लेकर सचिन तक, खेल जगत के इन दिग्गजों ने जलाई मोमबत्ती और दीपक, देखिए तस्वीरें

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि बस एक मात्र अदालत वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई करेगी और उसके लिए डेस्कटॉप, लैपटॉप और मोबाइल फोनों में एप लगाया जाएगा. Also Read - यूपी में युवक की गोली मारकर हत्या, तबलीगी जमात पर लगाया था कोरोना वायरस फैलाने का आरोप

शीर्ष अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि वकीलों के चैम्बर और कार्यालय बंद रहेंगे तथा वकीलों को अपने अपने कार्यालयों में नहीं आने की सलाह दी क्योंकि सफाईकर्मी को अंदर आने की इजाजत नहीं होगी. Also Read - कोरोना से जंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जलाए दीये, तस्वीरें शेयर कर संस्कृत में लिखा ये संदेश

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े, न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने संकेत दिया कि शीर्ष अदालत ने अपने परिसर और उसके आसपास वकीलों के चैम्बर को सील करने का का फैसला किया है और कहा कि केवल एकमात्र अदालत आभासी माध्यमों से अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई करेगी.