लखनऊ: पूरा देश इस समय कोरोना वायरस के चपेट में है. इस महामारी से अब तक हज़ारों लोग संक्रमित हो चुके हैं वहीं कई जाने भी जा चुकी है. ऐसे मुश्किल वक़्त में देश के कई राजनेताओं समेत फ़िल्मी हस्तियों ने मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं. इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों से ‘यूपी कोविड केयर फण्ड’ में विधायक निधि से एक करोड़ रुपए प्रदान करने तथा अपना एक माह का वेतन भी देने की अपील की है. Also Read - गर्लफ्रेंड के साथ समय बिताने के लिए कोरोना पॉजिटिव बता 'लापता' हो गया शख्स, पत्नी को हुआ शक और फिर...

योगी ने शनिवार को कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग ने इस कोष हेतु 76 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध कराने का सराहनीय कार्य किया है. लेखा परीक्षा विभाग ने भी धनराशि उपलब्ध करायी है. उन्होंने विधायकों का आह्वान किया कि वे आमजन को भी इस निधि में योगदान के लिए प्रेरित करें. Also Read - 'हप्पू की उल्टन पल्टन' फेम हिमानी शिवपुरी को मिली अस्पताल से छुट्टी, COVID-19 से पीड़ित थीं अभिनेत्री

मुख्यमंत्री ने यह विचार यहां अपने सरकारी आवास पर प्रदेश के विधानसभा एवं विधान परिषद सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान व्यक्त किए. Also Read - School Reopen Latest News: दिल्ली के बाद अब इस राज्य में भी 21 सितंबर को नहीं खुलेंगे स्कूल, जानिए क्या है वजह 

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के विरुद्ध संघर्ष लम्बा हो सकता है इसलिए पहले से ही सचेत होकर कार्य किए जाने की जरूरत है. इसके दृष्टिगत राज्य सरकार प्रदेश की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘यूपी कोविड केयर फण्ड’ के माध्यम से राज्य में मेडिकल कॉलेजों तथा जिला अस्पतालों का क्षमता विस्तार किया जाएगा. साथ ही, अधिक से अधिक संख्या में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी जिससे जनपद स्तर पर टेस्टिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकें. इसके अलावा, पीपीई किट, वेंटिलेटर्स, ट्रिपल टियर मास्क, टेलीमेडिसिन सुविधाएं आदि उपलब्ध कराने के लिए भी कार्य योजना बनायी गई है.

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा गरीब जनता को राहत पहुंचाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं. प्रदेश के 20 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों को 1000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता दिए जाने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई है. आधे से अधिक श्रमिकों के खाते में धनराशि ट्रांसफर की जा चुकी है. शेष खातों में भी धनराशि भेजी जा रही है. मनरेगा मजदूरों को 611 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांगजन व कुष्ठावस्था पेंशन के लाभार्थियों को दो माह की अग्रिम पेंशन की 871 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि उनके खातों में आनलाइन ट्रांसफर की गई है. इससे लगभग 87 लाख लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं.

योगी ने कहा कि एक अप्रैल से अन्त्योदय कार्डधारकों, मनरेगा श्रमिकों, श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों तथा नगर विकास विभाग के अन्तर्गत दिहाड़ी मजदूरों को निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है. राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे. इस कार्य में विधायकों से सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि विधायकगण ऐसे पात्र व्यक्तियों, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है अथवा कोई साधन भी नहीं है, उन्हें राशन कार्ड उपलब्ध कराने में सहयोग करें.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ठेला, खोमचा, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा आदि चलाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के बैंक खातों में 1000 रुपए ट्रांसफर कर राहत पहुंचाना चाहती है किन्तु ऐसे व्यक्तियों के बैंक खाते उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने विधायकों से अपील की कि ऐसे व्यक्तियों के खाते प्राप्त कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने में अपना योगदान करें. यह ध्यान रखा जाए कि लोग एकत्रित न हों. इस कार्य में यथासम्भव टेलीफोन, सोशल मीडिया आदि माध्यमों का उपयोग किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच अप्रैल को रात्रि नौ बजे घर की बत्तियां बुझाकर, नौ मिनट तक दिया, मोमबत्ती, टॉर्च, मोबाइल फ्लैश लाइट आदि जलाने का आह्वान किया है.

उन्होंने कहा कि इस दौरान घर की केवल बत्तियां बुझायी जाएं, बिजली के अन्य उपकरण चालू रखे जाएं. स्ट्रीट लाइट, हॉस्पिटल एवं अन्य सरकारी संस्थान की बत्तियां भी इस दौरान बन्द नहीं की जाएंगी.

 

इनपुट-एजेंसी