कोरोना के बढ़ते खतरों के बीच AIIMS प्रमुख का राहत देने वाला बयान- 'यह बेहद हल्की बीमारी, घबराएं नहीं; सतर्क रहें और...'

Coronavirus Update: AIIMS चीफ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने लोगों से अपील की कि घबराएं नहीं. उन्होंने कहा कि यह हल्की बीमारी है, लेकिन सतर्क रहें.

Updated: January 6, 2022 6:22 PM IST

By Parinay Kumar

Coronavirus Update
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Coronavirus Update: देश में कोरोना के नए मामलों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. भारत में रोजाना रिपोर्ट किये जाने वाले मामले में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी सतर्क हो गई हैं. कोरोना के मामलों में तेजी के बाद देश के ज्यादातर राज्यों में नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) समेत तमाम तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं. हालांकि अच्छी बात यह है कि कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण ही हैं. इससे ज्यादातर लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है. इन सबके बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने AIIMS दिल्ली में उन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से मुलाकात की, जो कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. मुलाकात के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘हमारे कई डॉक्टर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मरीजों की सेवा करते हुए COVID से संक्रमित हुए हैं. मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं.

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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि देश में मामले बढ़ रहे हैं इसलिए कोरोना के उचित नियमों का पालन करें. इस मौके पर AIIMS चीफ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने लोगों से अपील की कि घबराएं नहीं. उन्होंने कहा कि यह हल्की बीमारी है, लेकिन सतर्क रहें. एम्स निदेशक ने कहा कि मास्क लगाएं, हाथ धोते रहें और भीड़ से बचें. उन्होंने कहा कि टीकाकरण समेत कोरोना के सभी दिशा निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है.

मालूम हो कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद हों या चेन्नई, बेंगलुरू और पुणे सभी जगह अस्पतालों में एक बार फिर मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मरीजों में कोरोना के बेहद हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं. कुछ गिने-चुने मरीजों को ही वेंटीलेटर या ऑक्सीजन सपोर्ट (Oxygen Support) की जरूरत पड़ रही है. मालूम हो कि अब तक देश के 26 राज्‍यों में ओमिक्रॉन के मामले सामने आ चुके हैं. देश में गुरुवार को कोरोना के 90,928 नए केस दर्ज किए गए जो कि 200 दिनों में सबसे ज्यादा है.

उधर, ‘ओमिक्रॉन’ के अधिक संक्रामक होने और बिना लक्षण वाले अधिक मामले सामने आने के मद्देनजर केंद्र सरकार ने नौ राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से कोविड-19 संबंधी जांच बढ़ाने को कहा है, ताकि ये मरीज दूसरों को संक्रमित ना करें. तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मिजोरम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर और बिहार को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने मामलों और संक्रमण दर के बढ़ने के बीच कोविड-19 जांच दर कम होने की ओर इशारा किया और कहा कि यह ‘चिंता का कारण’ है. आहूजा ने पांच जनवरी को लिखे पत्र में कहा कि पर्याप्त जांच ना होने पर समुदाय में फैले संक्रमण के सही स्तर का निर्धारण करना असंभव है.

उन्होंने कहा, ‘वेरिएंट ऑफ़ कंसर्न’ (वीओसी) ओमिक्रॉन के अधिक मामले सामने आने और टीकाकरण दर अधिक होने के बावजूद अधिकतर देशों में मामले बढ़ने के मद्देनजर कोविड-19 संबंधी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए निरंतर सतर्कता तथा प्रयासों की आवश्यकता है.’ अतिरिक्त सचिव ने कहा, ‘ओमिक्रॉन’ के अप्रत्याशित और अत्यधिक संक्रामक होने और अधिकतर संक्रमितों में कोई लक्षण ना होने की बात को ध्यान में रखते हुए, किसी के संक्रमित होते ही तुरंत जांच होने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि मरीज दूसरों को संक्रमित ना करें.’

(इनपुट: ANI)

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Published Date: January 6, 2022 6:21 PM IST

Updated Date: January 6, 2022 6:22 PM IST