श्रावस्ती: पूरा देश इस समय कोरोना वायरस नाम की भयानक बिमारी से लड़ रहा है. इस महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार इसे रोकने का लगातार प्रयास कर रहे हैं. देश के कई राज्य में  इसके मद्देनज़र आइसोलेशन वार्ड या पृथक वास भी बनाए गए हैं. लेकिन हाल ही में उत्तर प्रदेश केश्रावस्ती जिले से एक दुःखद खबर सामने आई है. Also Read - Delhi-Haryana Border: दिल्ली-हरियाणा सीमा पार करने के लिए अब ट्रेवल पास की नहीं होगी जरूरत

उत्तर प्रदेश में श्रावस्ती जिले के एक गांव में पृथक वास में 18 मजदूरों को तीन दिन तक बिना खाना दिए रखा गया. कोरोना को लेकर बरती जा रही सतर्कता के बीच ऐसी हरकत पूरे मुहीम को कमज़ोर कर देती है. मज़दूरों के साथ ऐसा व्यवहार करने की जुर्म मेंग्राम प्रधान को जेल भेज दिया गया है तथा ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया गया है. Also Read - कोरोना के खिलाफ जंग में हम ही जीतेंगे, दुनिया को हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों से काफी उम्मीद: पीएम नरेंद्र मोदी

श्रावस्ती जिले के जमुनहा विकास खंड के विकास अधिकारी जितेन्द्र नाथ दुबे ने बुधवार को बताया कि विकास खंड अंतर्गत ओदाही ग्राम पंचायत के एक स्कूल में बनाए गए पृथक केंद्र में बाहर से आए कामगारों को रखा गया है. Also Read - Coronavirus in Indore Update: मध्य प्रदेश में कोरोना का गढ़ बना इंदौर, 135 लोगों की मौत, संक्रमितों की संख्या 3500 के पार

उन्होंने बताया कि छह अप्रैल को श्रावस्ती की जिलाधिकारी यशु रुस्तगी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान उक्त केंद्र में रह रहे लोगों ने शिकायत की कि उन्हें बीते तीन दिन से भोजन नहीं दिया गया है. मामले की जांच हुई तो पता चला कि दो अप्रैल को 16 कामगारों, तीन अप्रैल को 17 और चार अप्रैल को 18 कामगारों को चाय नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने की बात कागजों में तो दर्ज है, लेकिन वास्तव मेँ इन्हें भोजन दिया नहीं जा रहा था.

अधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान को प्रथम दृष्टया पृथक रखे गए लोगों के भोजन के लिए राशि प्राप्त करने के वास्ते कागजों में हेराफेरी करने की साजिश और आपदा प्रबंधन के काम में बाधा डालने का दोषी पाया गया है. उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर ग्राम प्रधान बलिराम के खिलाफ थाना मल्हीपुर में मामला दर्ज कर मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया. साथ ही ग्राम सचिव नानबाबू को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने कहा है कि पृथक केंद्रों में रखे गए लोगों के भोजन-पानी की व्यवस्था के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

बता दें की यूपी में अब तक 300 से ज़्यादा कोरोना के मरीज़ पाए गए हैं वहीं देश में अभी तक 5290 कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि 166 लोगों की मौत हो चुकी है.

इनपुट-भाषा