Coronavirus: देश में कोरोना के कम होते मामलों के बीच कुछ राज्यों में इसका कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है. महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से इसके मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है. महाराष्ट्र ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई शहरों में नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन और लॉकडाउन के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों को भी बंद कर दिया है. मुंबई में BMC ने कोविड गाइडलाइंस पालन करने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं. उधर, मध्यप्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र से राज्य में आने वाले सभी लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दिया है. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में आई अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए सोमवार को देश में कोविड-19 स्थिति की समीक्षा की.Also Read - Delhi, Mumbai में घटी कोरोना की रफ्तार, कर्नाटक में बड़ी संख्‍या में आए केस, देखें अपने राज्य का अपडेट

समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, गृह सचिव अजय भल्ला और दोनों मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी शामिल थे. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री ने देश में कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा की खासकर उन राज्यों की जहां हाल के समय में मामलों में बढ़ोतरी देखी गई. Also Read - कांग्रेस नेता Digvijaya Singh कोरोना वायरस से संक्रमित, खुद ट्वीट कर दी जानकारी

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अधिकारी ने बताया कि बैठक में जारी टीकाकरण प्रक्रिया और वायरस के और प्रसार पर लगाम लगाने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई. मालूम हो कि महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में कोविड-19 के मामलों में अचानक बढ़ोतरी की खबरें सामने आई हैं.

महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश आने वालों का होगा थर्मल परीक्षण
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वहां से मध्यप्रदेश में आने वाले लोगों को राज्य की सीमा में प्रवेश करते वक्त अपनी थर्मल परीक्षण (शरीर के तापमान की जांच) करवानी होगी. अधिकारियों ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है. कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए यहां मंत्रालय में सोमवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘कोरोना के संबंध में लगातार सतर्कता जरूरी है. थोड़ी सी लापरवाही विकराल रूप ले सकती है.’ उन्होंने महाराष्ट्र से लगे मध्यप्रदेश के सभी जिलों में आने वाले व्यक्तियों का थर्मल परीक्षण करने के निर्देश दिए. चौहान ने इंदौर और भोपाल में तत्काल मास्क की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.

कर्नाटक ने भी कड़े किये नियम
कर्नाटक सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उसने कोरोना वायरस की वजह से अंतरराज्यीय यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है. हालांकि पड़ोसी केरल और महाराष्ट्र से आ रहे लोगों के लिए आरटी-पीसीआर पद्धति से की गई जांच में निगेटिव होने का प्रमाण पत्र जरूरी कर दिया है. यह रिपोर्ट 72 घंटे से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने संक्रमण से बचाव के उपाय मानने में लापरवाही को लेकर चेताते हुए कहा कि अगर मामलों की संख्या बढ़ी तो सख्त कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि शादियों में सिर्फ 500 लोग ही शिरकत करें और आयोजन में कोविड-19 से संबंधित नियमों का पालन हो, यह सुनिश्चित करने के लिए मार्शल तैनात किए जाएंगे. सुधाकर ने कहा, ‘हमने केरल, महाराष्ट्र या किसी अन्य राज्य से कर्नाटक आने वाले यात्रियों पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है.’

गुजरात में भी स्क्रीनिंग
गुजरात सरकार ने पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर चेक पोस्ट लगाकर इन राज्यों से आ रहे लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है. इन दोनों राज्यों से आने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही है कि कहीं उनमें कोरोना का कोई लक्षण तो नहीं है. बिना लक्षण वाले लोगों को ही राज्य में आने की अनुमति दी जाएगी.

(इनपुट: एजेंसी)