नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने दुनिया भर लाखों की संख्या में लोगों की जान ले ली है और एक साल से ज्यादा समय होने के बावजूद इसके वायरस का संक्रमण अभी तक नहीं रुका है. कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिक लगातार रिसर्च कर रहे हैं. इस कोविड-19 वायरस को लेकर वैज्ञानिकों ने एक बड़ा खुलासा किया है. वैज्ञानिकों ने एक नये अनुसंधान में पाया है कि सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को गंध महसूस नहीं होना, उनमें कोविड-19 की पहचान करने का श्रेष्ठ संकेत भी हो सकता है.Also Read - Corona Update: कोरोना से अब तक दुनियाभर में कुल 36 करोड़ लोग संक्रमित, 56 लाख से ज्यादा की मौत

जर्नल केमिकल सेंसेज में दो नये अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के नतीजे प्रकाशित किए गए हैं, जिसमें यह दावा किया गया है. इसमें कहा गया है कि अक्सर कोविड-19 के मरीज गंध महसूस नहीं कर पाते हैं और यह लक्षण लंबे समय तक देखने को मिल सकता है. Also Read - Haryana में छूट के साथ 10 फरवरी तक बढ़ाई गईं कोरोना पाबंदियां, अब इस समय तक खुल सकेंगी दुकानें

कुल 23 देशों के 4,500 से अधिक कोविड-19 के मरीजों पर ये अध्ययन किये गए. अध्ययनों में यह पाया गया है कि 0-100 के मापक(स्केल) पर गंध महसूस नहीं होने की औसत माप 79.7 दर्ज की गई जो इस संबंध में (गंध महसूस नहीं होने के) मजबूत संकेत देता है. Also Read - Maharashtra News: महाराष्ट्र में कब खुलेंगे पर्यटन स्थल? मंत्री आदित्य ठाकरे ने दिया बड़ा अपडेट

डेनमार्क के आरहस विश्वविद्यालय के अलेक्जेंडर विक फजेलस्टैड ने कहा, ‘‘इससे यह पता चलता है कि इस लक्षण के बारे में अवगत होना कितना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रोग का एक मात्र लक्षण हो सकता है. ’’

अनुसंधान में यह पाया गया कि सिर्फ आधे मरीजों की ही गंध महसूस करने की क्षमता 40 दिनों के बाद वापस आ सकी. उन्होंने कहा, ‘‘यह अन्य वायरस संक्रमण वाले रोगों से इस रोग को अलग करता है और यह मरीजों के लिए दीर्घकालीन समस्या पैदा करता है.’’ वैज्ञानिकों ने अनुसंधान में शामिल किये गये मरीजों के स्वाद महसूस करने में भी कमी दर्ज की. नये अध्ययन में दुनिया भर के देशों से कहीं अधिक मात्रा में आंकड़े एकत्र किए गए हैं.