नई दिल्लीः आज पूरी दुनिया एक महायुद्ध लड़ रही है और यह महायुद्ध एक खतरनाक वायरस के खिलाफ है. वायरस ऐसा जिसने पूरे विश्व को अपनी चपेट में लेकर रखा हुआ है. कोरोना वायरस से अब तक पूरी दुनिया में दस हजार से ज्यादा जानें जा चुकी है. भारत भी इसके साये हैं और अब तक 300 से ज्यादा लोग इससे पीड़ित पाए गए हैं. ऐसे कठिन हालात में सब लोग ऐहतियात बरत रहे हैं. भारत ने अभी तक वे सभी कारगर कदम उठाए हैं जिससे इस वायरस को रोकने से रोका जा सकता है. पूरा देश ने इससे लड़ने के लिए कमर कस ली है और सभी लोग अपने अपने हिसाब से इसे हराने में लगे हुए हैं. Also Read - कोरोना के कारण मजदूरों का पलायन: कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट, डर दहशत को बताया वायरस से भी बड़ी समस्या

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश में जनता कर्फ्यू की घोषणा की है जो कि सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक जारी रहेगा. जनता कर्फ्यू के दौरान पूरे देश में सब कुछ बंद रहेगा केवल जरूरी सेवाएं ही जारी रहेंगी. जनता कर्फ्यू के दौरान मुंबई में आज मोनोरेल सेवा बंद है. इसके अलावा हरियाणा और पंजाब में निजी और सरकारी बस सेवाएं बंद हैं. देशभर में आज 3700 ट्रेनें नहीं चलेंगी. Also Read - Covid-19: निजामुद्दीन के मरकज में सैंकड़ों कोरोना संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने दिया मौलाना पर FIR दर्ज करने का आदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि जनता कर्फ्यू शुरू हो रहा है. मेरी विनती है कि सभी नागरिक इस देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनें और कोरोना के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाएं. हमारा संयम और संकल्प इस महामारी को परास्त करके रहेगा. Also Read - COVID-19 से दुनिया में मौतों का आंकड़ा 34,610, संक्रमण के 7 लाख 27 हजार से ज्‍यादा केस

दुनिया के लगभग 190 देश इस समय कोरोना की चपेट में इसलिए भारत भी इसको लेकर सतर्क है. बता दें कि दुनिया के कई देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल की सराहना की है. जनता कर्फ्यू के एक दिन पहले से ही इसका असर दिखने लगा था. राजधानी दिल्ली की सड़कों से नागरिक नदारद थे, दुकाने बंद थी और स्टेशनों पर वाहन खाली खड़े रहे. कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के कारण देश के लगभग हर बड़े पर्यटक स्थल को बंद कर दिया गया है. राजस्थान सरकार ने राज्य को 31 मार्च तक के लिए लॉक डाउन कर दिया है. वहीं दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों पर धारा 144 लागू कर दी गई है.

दिल्ली में, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रविवार को 50 प्रतिशत बसें सड़कों पर चलेंगी, यह देखते हुए कि कुछ लोगों को आपातकाल के कारण यात्रा करनी पड़ सकती है. हालांकि, ऑटो और टैक्सी राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों से दूर रहेंगी क्योंकि दिल्ली ऑटोरिक्शा संघ, दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन, दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन और दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन सहित कई यूनियन ने ‘जनता कर्फ्यू’ में शामिल होने का फैसला किया है.