Coronavirus Vaccination: देश में आज कोरोना टीकाकरण का सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया है. इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर रहे हैं. पीएम मोदी के संबोधन को 3006 वैक्सीन सेंटरों पर लोग देख रहे हैं. पहली कतार के 3 लाख लोगों को आज कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी. पहले चरण में 1 करोड़ 60 लाख पहली कतार के कर्मचारियों को टीका लगाई जाएगी. टीकाकरण का समय सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे तक है. बता दें कि महामारी संबंधित जानकारी के लिए एक हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था भी की गई है ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके. Also Read - केंद्र का राज्यों को निर्देश, 'जहां कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं वहां टीकाकरण में तेजी लाएं, निजी अस्पतालों के साथ करें गठबंधन'

पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन Also Read - Lockdown in Maharashtra Latest Updates: अभी से खुद को तैयार कर लें लोग, महाराष्ट्र के इस जिले में कल से लग सकता है लॉकडाउन

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक दक्षता और टैलेंट के कारण एक नहीं कई वैक्सीनों पर काम चल रहा है. स्वास्थ्यकर्मी के बाद सुरक्षाकर्मियों यानी पहली कतार के लोगों को प्राथमिकता के तहत वैक्सीन दिया जाएगा. इनकी कुल संख्या 3 करोड़ के आसपास है, जिनके टीकाकरण का खर्च भारत सरकार उठाएगी. Also Read - मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल होंगे! PM मोदी के साथ मंच साझा कर सकते हैं, कैलाश विजयवर्गीय से फ़ोन पर की बात

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद दूसरी डोज को लेना बिल्कुल नहीं भूलना है. भारत का टीकाकरण अभियान इतना बड़ा है कि यह भारत के सामर्थ्य को दिखाता है, मैं देशवासियों को कहना चाहूंगा कि हमारे वैज्ञानिक और एक्सपर्ट मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हुए तभी इसके आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दी.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की वैक्सीन ऐसी तकनीक पर बनाई गई है, जो भारतीय स्थितियों और परिस्थितियों के अनुकूल है, लेकिन कुछ विदेशी वैक्सीन ऐसी हैं जिन्हें -70 डिग्री तक के तापमान में  रखना पड़ता है. संकट कितना ही बड़ा क्यों न हो, देशवासियों ने कभी आत्मविश्वास खोया है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि जब देश में कोरोना शुरू हुआ तो केवल एक टेस्टिंग लैब था लेकिन आज 2300 से अधिक कोरोना टेस्टिंग लैब देश में उपलब्ध है. पहले हम पीपीई किट, मास्क, शिल्ड, सैनिटाइजर इत्यादि के लिए विदेशों पर निर्भर थे लेकिन आज हम आत्मनिर्भर हो चुके हैं इन चीजों के लिए. कोरोना के खिलाफ लड़ाई को पूरे देश ने राष्ट्र की भावना के साथ लड़ा है. पीएम ने कहा कि दुनिया में 60 प्रतिशत बच्चों को लगने वाले टीके भारत में बनते हैं.

पीएम ने कहा कि हमे बचाने के लिए आशाकर्मी, सुरक्षाकर्मी, डॉक्टर अपने जीवन को संकट में डाल रहे थे. हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सुरक्षाकर्मी और प्रथम कतार के लोगों ने मानवता के प्रति अपने दायित्व को प्राथमिकता दी. इसमें से अधिकांश अपने बच्चों और परिवार से कई दिनों तक दूर रहे. सैकड़ों साथी ऐसे भी हैं जो कभी अपने घर वापस लौटकर ही नहीं आ पाए. उन्होंने एक एक जीवन को बचाने के लिए अपना जीवन आहूत कर दिया. इसलिए आज कोरोना का पहला टीका स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को लगाकर एक तरह से समाज अपना ऋण चुका रहा है.

यह टीका उन सभी साथियों के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की आदरांजलि भी है. पीएम ने कहा कि मानव इतिहास में अनेक विपदाएं आईं, लेकिन कोरोना जैसी चुनौती की किसी ने कल्पना नहीं की. इस महामारी का अनुभव न ही विज्ञान और न ही समाज को था. दुनिया भर से आ रहीं खबरें पूरी दुनिया के साथ साथ हर भारतीय को विचलित कर रही थी. ऐसे हालात में दुनिया के बड़े बड़े एक्सपर्ट भारत को लेकर तमाम आशंकाए जता रहे थे.

पीएम मोदी ने कहा कि जिस आबादी को हमारी कमजोरी बताया जा रहा था, उसे ही हमने अपनी ताकत बना ली. 30 जनवरी को भारत में कोरोना का पहला मामला मिला, लेकिन इसके दो सप्ताह पहले ही भारत में हाईलेवल कमेटी बना ली गई थी. 17 जनवरी 2020 को भारत ने अपनी पहली एडवायजरी कोरोना महामारी के बाबत जारी की थी. जनता कर्फ्यू ने मनोवैज्ञानिक रूप से देश को लॉकडाउन के लिए तैयार किया.

देश की इतनी बड़ी आबादी को घऱ के अंदर रखना असंभव है. देश में तो सबकुछ लॉकाडाउन होने जा रहा था. लेकिन देश ने जान है तो जहान के मंत्र के पथ पर चलते हुए लोगों ने प्रत्येक भारतीय के जान को बचाने को लेकर जिम्मेदारी दिखाई है. चीन से हमने केवल भारतीयों को ही नहीं बल्कि दूसरे देशों के लोगों को भी वहां से निकालकर लेकर आए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक देश में जब टेस्टिंग उपकरणों की कमी आने लगी तो हमने पूरी टेस्टिंग लैब को ही वहां भेज दिया ताकि भारतीयों की टेस्टिंग की जा सके. भारत ने दूसरे देश के लोगों को भी बचाने की पूरी संभव कोशिश की. इस कड़ी में हमने लोगों तक दवाईयों को पहुंचाया. आज जब हमने वैक्सीन बना ली है तो पूरी दुनिया भारत की ओर आशा से देख रही है.

पीएम ने कहा कि ये टीकाकरण अभियान अभी लंबा चलेगा. इस अभियान से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए देश में वॉलिंटियर आगे आ रहे हैं उनसे मैं आग्रह करूंगा कि वे और सेवा प्रदान करे. लेकिन मास्क, दो गज की दूरी और साफ सफाई टीके के बाद भी जरूरी रहेंगे. टीका लगने का अर्थ यह नहीं कि कोरोना से बचाव के दूसरे तरीके छोड़ दिए जाए. हमें अब नया प्रण लेना है दवाई भी, कड़ाई भी.

टीकाकरण अभियान की खास बातें-

1- पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुबह 10.30 बजे टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे. बता दें कि 3006 वैक्सीन सेंटरों पर पीएम मोदी के इस कार्यक्रम को लोग लाइव देख पाएंगे.

2- पहले चरण में 1 करोड़ 60 लाख पहली कतार के कर्मचारियों को टीका लगाई जाएगी. टीकाकरण का समय सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे तक है.

3- महमारी से संबंधित जानकारी के लिए एक कॉल सेंटर को स्थापित भी किया गया है. 1075 नंबर पर फोन कर आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

4- सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देश के मुताबिक कोरोना की वैक्सीन 18 वर्ष या उससे अधिक की आयु वाले लोगों को लगाई जाएगी.

5- गर्भवती महिलाओं और नवजात को दूध पिला रही महिलाएं टीकाकरण कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकेंगी.

6- पहले डोज में जिस वैक्सीन को लिया जाएगा, दूसरे डोज में भी उसी वैक्सीन को दिया जाएगा. इस बीच वैक्सीन बदलने की इजाजत नहीं होगी.

7- कोरोना टीकाकरण के लिए कोविन ऐप के तहत 80 लाख लाभार्थियों के नाम को पहले ही रजिस्टर कर लिया गया है.

8- कोरोना वायरस के टीकाकरण को प्राप्त करने के लिए आपको कोविन ऐप के जरिए खुद को रजिस्टर कराना अनिवार्य है. टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान आपके पास आईडी प्रूफ का होना अनिवार्य है.

9- वैक्सीन की पहली डोज और दूसरे डोज के बीच 28 दिनों का ही अंतर होना चाहिए.

10- कोरोना वैक्सीन के डोज लगने के बाद आपके रजिस्टर्ड फोन नंबर पर एक लिंक भेजा जाएगा. यहां से आप वैक्सीनेशन की ई-सर्टिफिकेट को डाउनलोड कर सकते हैं.