नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस के 2 वैक्सीनों को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी जा चुकी है. ऐसे में लगभग सभी संस्थाओं से अनुमति मिल जाने के बाद वैक्सीनेशन की दिशा में अब काम तेजी से हो रहा है. शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने वैक्सीन खरीदने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है और चरणबद्ध तरीके से अगले सप्ताह के अंत तक टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. गौरतलब है कि बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों-इशारों में कहा था कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है.Also Read - कोविड से उबरकर इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच में खेल सकते हैं भारतीय कप्तान रोहित शर्मा

बता दें कि ड्रग्स कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित एस्ट्रेजेनेका की कोविशील्ड और भारतीय कंपनी बायोटेक की कोवैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई है. इस मामले से संबंधित एक अधिकारी ने बताया कि टीकों को मंजूरी दी जा चुकी है. अगली प्रक्रिया इसे खरीदने की है, जिस मामले में केंद्र सरकार वैक्सीन कंपनियों से बात कर रही है. बता दें कि जून महीने तक कुल 30 करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में भारत में पहले चरण में 30 मिलियन लोगों को टीका लगाए जाने की संभावना है. वहीं इसके लिए संभाविना जताई जा रही है कि 50-6- मिलियन यानी दोगुनी वैक्सीन की खुराक लगेगी. अधिकारी की माने तो फिलहाल वैक्सीन के कागजी कार्रवाई और खरीद प्रक्रिया में मामला फंसा हुआ है. Also Read - रोहित की पूर्व गर्लफ्रेंड सोफिया ने जारी किया VIDEO, हिटमैन से लिंकअप पर फैन्‍स को लगाई फटकार!

बता दें कि भारत सरकार की तरफ से तैयारियों को पूरा कर लिया गया है और उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है. ऐसे में वैक्सीन आने के बाद पहले चरण में केवल पहली कतार के लोगों को ही वैक्सीन दी जाएगी. इसमें स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस, होमगार्ड, हेल्थ वर्कर, सफाई कर्मचारी, इत्यादि लोग होंगे जो कोरोना महामारी के दौरान सबसे आगे रहे हैं. साथ ही इस दौरान 50 से अधिक की उम्र वाले उन लोगों का भी टीकाकरण किया जाएगा जिनको डायबटीज व कुछ बीमारियां हैं. Also Read - कोविड के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से बाहर हुए इंग्लैंड के बेन फोक्स