नई दिल्ली: पूरी दुनिया में कोरोनावायरस (Coronavirus) से कोहराम मचा हुआ है. दुनिया भर के लगभग हर बड़े देश में कोरोना से हजारों लोगों की जान जा चुकी है तो वहीं लाखो लोग इस घातक वायरस से पीड़ित चल रहे हैं. भारत में भी कोरोना से लगभग 12 लाख लोग पीड़ित हैं. इस बीच कोविड-19 वैक्सीन को लेकर एक बड़ी और राहत देने वाली खबर आई है. देश में कई फार्मा कंपनी कोरोना पर काम कर रही है लेकिन इनमे से पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India ) सबसे आगे चल रही है. एक जानकारी के अनुसार इंस्टीट्यूट अब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University)में तैयार हो रही कोरोना वैक्सीन के ट्रायल की तैयारी में हैं. Also Read - महाराष्ट्र में अब तक कोविड-19 टीके की करीब दो करोड़ खुराकें दी गईं

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला (Serum Institute of India CEO Adar Poonawalla) ने कहा कि कंपनी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए लाइसेंस लेने की तैयारी में और लाइसेंसे मिलने के बाद एक सप्ताह के अंदर इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ सही रहता है तो अगले साल जून या फिर इससे पहले भारत में कोविड19 की वैक्सीन आ जाएगी. अदार पूनावाला ने वैक्सीन की कीमत के बारे में कहा कि कंपनी हालात को देखते हुए शुरुआत में मुनाफा कमाने के बारे में नहीं सोच रही है. इसलिए शुरुआत में इसकी कीमत 1000 रुपये हो सकती है. Also Read - Covishield की दो डोज के बीच 12-16 हफ्ते का रख सकते हैं अंतर, गवर्नमेंट पैनल ने की ये सिफारिश

आपको बता दें कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना महामार के जाल में फंसी हुई है और विश्व का हर मुल्क इस घातक वायरस के खात्में के लिए वैक्सीन बनाने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है. इस समय हर किसी की निगाह सिर्फ कोरोना वैक्सीन पर ही टिकी हुई है. हालांकि अभी तक पूरी तरह से यह साफ नहीं हो पाया है कि वैक्सीन कब आएगी और इसका एक्चुअल प्राइस क्या होगा. इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि भारत में कोरोना वैक्सीन की कीमत 200 रुपये से लेकर 300 रुपये तक हो सकती है. Also Read - भारतीय कप्तान विराट कोहली ने लिया पहला डोज; फैंस से की जल्द से जल्द वैक्सीनेशन करवाने की अपील

अदार पूनावाला ने यह भी कहा कि हम वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल से पहले लगभग तीस करोड़ खुराक तैयार कर रहे है यह जरूर एक जोखिम हैं लेकिन अगर ट्रायल सही रहा तो कंपनी कम समय में ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन का वितरण कर सकेगी.