नई दिल्ली: देश में कोरोना के खिलाफ अंतिम जंग अब शुरू हो चुकी है. बीते कल सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोविशील्ड वैक्सीन को देश के कई हिस्सों में पहुंचाया गया अब बाकी अन्य राज्यों तक वैक्सीन को पहुंचाने का काम जारी है. बता दें कि 16 जनवरी से देश में टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा. देश के 13 शहरों के कई वैक्सीन स्टोरों पर 54.72 लाख वैक्सीन की खुराक पहुंचाई जा चुकी है. वहीं कई शहरों में टीकों को प्रक्रिया आज और कल जारी रहेगी.Also Read - Coronavirus Update: WHO ने फिर चेताया, कहा- 'कोरोना वायरस कभी भी पूरी तरह से समाप्त नहीं होगा लेकिन...'

बता दें कि पहले चरण में 3 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना वैक्सीन के टीके दिए जाएंगे. ये वो लोग हैं जिन्होंने महामारी के दौरान अपनी सेवाएं दी हैं. इन 3 करोड़ वैक्सीन के खर्चे का वहन केंद्र सरकार अपनी जेब से करेगी. बता दें कि अभी कई शहरों में ये वैक्सीन पहुंचाए जा चुके हैं, वहीं कई शहरों में वैक्सीन को पहुंचाया जाना बाकी है. Also Read - रक्षा मंत्री Rajnath Singh के बेटे और Noida से विधायक Pankaj Singh कोरोना वायरस से संक्रमित

वैक्सीन की खेप कहां पहुंची Also Read - Coronavirus: क्‍या कोरोना को मामूली फ्लू की तरह मानते हुए यूरोप के नक्‍शेकदम पर चलेगी दुनिया? विशेषज्ञों का क्या है मानना...

दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, गुवाहाटी, शिलांग, हैदराबाद, विजयवाड़ा, अहमदाबाद, पटना, भुवनेश्वर, मुंबई, चंडीगढ़, लखनऊ और बेंगलुरू में वैक्सीन की खेप पहुंचाई जा चुकी है. वहीं चेन्नई, कोलकाता, मुंबई और करनाल में सामान्य मेडिकल स्टोर की व्यवस्था की गई है. वहीं सभी राज्यों में कम से कम एख राज्य स्तरीय क्षेत्रीय वैक्सीन स्टोर है. इसमें सबसे अधिक वैक्सीन स्टोर उत्तर प्रदेश में हैं.

बता दें कि भारत सरकार द्वारा ऑक्सफोर्ड वैक्सीन की 1.1 करोड़ खुराके खरीदी जा रही हैं. ऑक्सफोर्ड-सीरम इंस्टीट्यूट-एस्ट्राजेनेका द्वारा निर्मित इस वैक्सीन को भारत में केविशिल्ड के नाम से जाना जाता है. बता दें कि इसकी प्रत्येक खुराक की कीमत 210 रुपये हैं. यानी सरकार को अपने पहले ऑर्डर में 231 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

बता दें कि 16 जनवरी से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान के पहले चरण में जिन लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा, उन्हें किसी प्रकार की रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी. लेकिन अन्य लोगों को रजिस्ट्रेशन करानी होगी. बता दें कि पूर्व-पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए Co-WIN ऐप (cowin.gov.in) की वेबसाइट को लाइव कर दिया गया है.