Covid Vaccine Update: देश में कोरोना का कहर जारी है. भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 45 लाख के पार पहुंच गई है, वहीं अब तक 76 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. दुनिया भर में कोविड-19 (Covid-19) की वैक्सीन पर शोध चल रहे हैं. रूस ने तो वैक्सीन बना लेने का दावा भी किया है. भारत में भी तीन-तीन वैक्सीन ट्रायल चरण में हैं. इस बीच देश में विकसित हो रही भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आ रही है. भारत बायोटेक ने घोषणा की है कि कोवैक्सीन’ (Covaxin) का एनिमल ट्रायल सफल रहा है. एक न्यूज पोर्टल की खबर के अनुसार, ‘यह दावा किया गया कि परिणामों ने लाइव वायरल चैलेंज मॉडल में वैक्सीन की सुरक्षात्मक प्रभावकारिता का प्रदर्शन किया.’Also Read - केरल में कोरोना ने तोड़ा रिकॉर्ड, एक दिन में सबसे ज्यादा 46,387 नए मामले मिले

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इसके साथ-साथ भारत बायोटेक की तरफ से ट्वीट करके भी इसकी घोषणा की गई. हैदराबाद स्थित फर्म भारत बायोटेक ने ट्वीट किया, ‘भारत बायोटेक गर्व के COVAXIN के एनिमल स्टडी रिजल्ट की घोषणा करता है. ये परिणाम एक लाइव वायरल चुनौती मॉडल में सुरक्षात्मक प्रभावकारिता को प्रदर्शित करते हैं.’ बता दें कि भारत बायोटेक ICMR के साथ मिलकर कोरोना की वैक्सीन COVAXIN बना रहा है. Also Read - Corona Virus: दिल्ली में RTPCR टेस्ट के लिए कीमतें तय, निजी लैब वसूल सकते हैं अधिकतम इतने रुपए

बता दें कि भारत बायोटेक वर्तमान में देश भर के 12 अस्पतालों में 1,125 रोगियों पर कोवैक्सीन (Covaxin) के फेज I/II के नैदानिक परीक्षण का आयोजन कर रहा है. इसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली और पटना (AIIMS), विशाखापत्तनम में किंग जॉर्ज अस्पताल, हैदराबाद में निज़ाम का आयुर्विज्ञान संस्थान शामिल है. इसके साथ-साथ रोहतक के पीजीआई में इसका ट्रायल चल रहा है.

भारत बायोटेक की तरफ से यह खुशखबरी ठीक उस खबर के बाद आई है जब अमेरिकी कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) ने अपने कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) के अंतिम चरण के ट्रायल को रोक दिया. फार्मास्यूटिकल कंपनी AstraZeneca ने वैक्सीन ट्रायल को मानव परीक्षण में शामिल एक वालंटियर के बीमार पड़ने के बाद रोकने का फैसला लिया. WHO के मुताबिक, दुनिया के अन्य वैक्सीन ट्रायल के मुकाबले ये सबसे आगे चल रही थी. भारत समेत कई देशों की निगाहें ऑक्सफ़ोर्ड की इस वैक्सीन पर टिकी हुईं हैं.